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ईंट भट्ठा मालिकों ने बुलंद की आवाज
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:32 PM IST
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देवरिया। ईंट निर्माता समिति ने जीएसटी में समाधान योजना को बहाल करने की मांग की है। भट्ठा स्वामियों का कहना था कि वैट की तर्ज पर इंतजाम किया जाए, जिससे विभागीय उत्पीड़न से निजात मिल सके। इसके साथ ही इनवॉयरमेंट क्लीयरेंस की बाध्यता को समाप्त करें। सीएम को संबोधित मांगपत्र एसडीएम राकेश सिंह को दिया। जिले के विभिन्न इलाकों के ईंट भट्ठा मालिकों की जुटान 11 बजे न्यू कॉलोनी स्थित संघ भवन में हुई। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। कारोबारियों का कहना था कि सरकार ने जल्दबाजी में कदम उठाया है। जीएसटी से बाहर रखने से ईंट-भट्ठा मालिकों को नुकसान होगा। साथ ही सरकार को राजस्व भी नहीं मिलेगा। विभागीय अफसर मनमानी करेंगे। ईंट-भट्ठा मालिकों ने एक स्वर में कहा कि हम लोगों का कारोबार सीजनल है। समाधान योजना बहाल होने से एक निर्धारित राजस्व मिलेगा। इसके अलावा बेवजह के मामले भी लंबित नहीं होंगे। माइंस मिनरल कंसेशन एक्ट के अनुसार ईंट पथाई के लिए मिट्टी खनन को गैर खनन बताया गया है। ऐसे में पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समझ से परे है। इस दौरान मुक्तिनाथ त्रिपाठी, जितेंद्र चतुर्वेदी, नागेंद्र सिंह, अनिरूद्ध राव, संदीप सिंह, श्रीप्रकाश तिवारी, जयप्रकाश राव, शशिकांत सिंह, कमलेश सिंह, विजय बहादुर सिंह, हरिशंकर सिंह आदि रहे।
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