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निजाम बदला, नहीं बदली जिला अस्पताल की सूरत
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:11 PM IST
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देवरिया। सूबे में निजाम बदला, लेकिन जिला अस्पताल की सूरत नहीं बदली। सालों से जैसी व्यवस्था चल रही थी, ठीक वही व्यवस्था आज भी कायम है। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी का अंबार है। मरीज जीवनरक्षक दवाओं के अभाव में तड़प रहे हैं। चिकित्सक की कमी के चलते मरीजों को निजी डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। लो वोल्टेज के कारण दो दिनों से एक्सरे मशीन नहीं चल पा रही है।
1956 में जब अस्पताल स्थापित हुआ, उस समय के मानक पर 31 चिकित्सकों का पद रखा गया था। आबादी बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन चिकित्सकों के पद में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। आलम यह कि वर्तमान में मात्र 20 चिकित्सक ही अस्पताल में तैनात हैं। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल आते हैं। यहां की व्यवस्था देख निजी चिकित्सक के तरफ रुख कर लेते हैं। दो दिनों से अस्पताल लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है। लिहाजा एक्सरे मशीन, पैैथालॉजी का काम पूरी तरह प्रभावित है। इससे दूरदराज से आने वाले मरीजों की समस्या बढ़ गई है। भीषण गर्मी और वार्डों में गंदगी के चलते मरीज के साथ तीमारदार भी परेशान हैं। सीएमएस डॉ. केसी राय ने बताया कि दवा की कमी का मामला उच्चाधिकारियों की जानकारी में है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
पोस्टमार्टम हाउस में पानी की कमी
एक माह से पोस्टमार्टम हाउस पर पानी की व्यवस्था नहीं है। गर्मी में पोस्टमार्टम हाउस की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। गंदगी के चलते पोस्टमार्टम हाउस से उठने वाले दुर्गंध के चलते चिकित्सक को भी दिक्कत होती है। गर्मी और गंदगी के चलते शवों पर मक्खियां भनभनाती हैं। इसके बावजूद चिकित्सक और कर्मचारियों को पोस्टमार्टम करना मजबूरी बन गया है। बताया जाता है कि पानी की व्यवस्था को लेकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। फिर भी कार्रवाई नही हुई।
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शव ढोने वाली गाड़ी पर चालक नहीं
जिला अस्पताल में शव ढोने के लिए एक गाड़ी महीनों से चालक के अभाव में खड़ी है। तीमारदार शव को प्राइवेट वाहन से जैसे-तैैसे घर ले जाने को मजबूर हैं। जिम्मेदार आज तक चालक की व्यवस्था नहीं कर पाए।
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1956 में जब अस्पताल स्थापित हुआ, उस समय के मानक पर 31 चिकित्सकों का पद रखा गया था। आबादी बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन चिकित्सकों के पद में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। आलम यह कि वर्तमान में मात्र 20 चिकित्सक ही अस्पताल में तैनात हैं। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल आते हैं। यहां की व्यवस्था देख निजी चिकित्सक के तरफ रुख कर लेते हैं। दो दिनों से अस्पताल लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है। लिहाजा एक्सरे मशीन, पैैथालॉजी का काम पूरी तरह प्रभावित है। इससे दूरदराज से आने वाले मरीजों की समस्या बढ़ गई है। भीषण गर्मी और वार्डों में गंदगी के चलते मरीज के साथ तीमारदार भी परेशान हैं। सीएमएस डॉ. केसी राय ने बताया कि दवा की कमी का मामला उच्चाधिकारियों की जानकारी में है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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पोस्टमार्टम हाउस में पानी की कमी
एक माह से पोस्टमार्टम हाउस पर पानी की व्यवस्था नहीं है। गर्मी में पोस्टमार्टम हाउस की ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। गंदगी के चलते पोस्टमार्टम हाउस से उठने वाले दुर्गंध के चलते चिकित्सक को भी दिक्कत होती है। गर्मी और गंदगी के चलते शवों पर मक्खियां भनभनाती हैं। इसके बावजूद चिकित्सक और कर्मचारियों को पोस्टमार्टम करना मजबूरी बन गया है। बताया जाता है कि पानी की व्यवस्था को लेकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। फिर भी कार्रवाई नही हुई।
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शव ढोने वाली गाड़ी पर चालक नहीं
जिला अस्पताल में शव ढोने के लिए एक गाड़ी महीनों से चालक के अभाव में खड़ी है। तीमारदार शव को प्राइवेट वाहन से जैसे-तैैसे घर ले जाने को मजबूर हैं। जिम्मेदार आज तक चालक की व्यवस्था नहीं कर पाए।