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दो किमी तक पार्थिव शरीर आने में लग गए दो घंटे

Sat, 16 Feb 2019 11:35 PM IST
Harishankar Tiwari हरिशंकर तिवारी
Updated Sat, 16 Feb 2019 11:35 PM IST
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दो किमी तक पार्थिव शरीर आने में लग गए दो घंटे
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल सांसद राजेश पांडेय ने शहीद विजय मौर्या को श्रद्घांजलि अर्पित किया। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। शहीद विजय कुमार मौर्य को श्रद्धांजलि लेने के लिए हर कोई लालायित रहा। यही कारण था कि पार्थिव देह को बनारस से भटनी पहुंचने में दस घंटे से अधिक का समय लग गया। इसमें भी नकहनी चौराहे से छपिया जयदेव तक की दो किमी की दूरी दो घंटे में तय की गई। सड़कों पर दोनों तरफ लोगों की भीड़ थी, जो कदम-कदम पर सीआरपीएफ का वाहन रोककर शहीद के शव पर पुष्प अर्पित करने के लिए बेकरार थी। वाराणसी एयरपोर्ट से शहीद जवान का शव लेकर सीआरपीएफ 95वीं बटालियन की टीम सड़क मार्ग से भटनी के लिए रवाना हुई। उम्मीद थी कि करीब 150 किमी की यह दूरी 4-5 घंटे में पूरी हो जाएगी, मगर वाहन करीब चार बजे गांव पहुंचा। गाजीपुर और बलिया जिले की सीमा में सीआरपीएफ का वाहन रोककर जगह-जगह श्रद्धांजलि अर्पित की गई। करीब एक बजे जिले की सीमा में प्रवेश पर भागलपुर पुल के पास लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सलेमपुर, भरथुआ चौराहा, भटनी होते हुए नकहनी चौराहा पर भी श्रद्धांजलि का कार्यक्रम हुआ। नकहनी चौराहे के बाद छपिया जयदेव तक वाहन को पहुंचने में दो घंटे लग गए। पूरी सड़क लोगों की भीड़ से जाम थी। शहीद के स्वागत में लोग फूल बरसा रहे थे।
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धक्का-मुक्की के बीच दरवाजे पर पहुंचा शव
शहीद की एक झलक पाने के लिए लोग उतावले थे। सबसे ज्यादा उत्साह उन युवाओं में था, जो फौज की तैयारी में जुटे हुए हैं। एक बार ताबूत को छूकर वह माथे पर लगाना चाहते थे, ताकि वह भी फौज में जाकर मां भारती की सेवा का मौका पाते हुए जीवन को धन्य कर सकें। युवाओं की भीड़ इस कदर थी कि ताबूत को उतारने में सीआरपीएफ के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस-प्रशासन के अफसर बेबस रहे। वाहन पर सवार सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर ने हाथ जोड़कर विनती की तब जाकर रास्ता मिल सका। धक्का-मुक्की करते हुए अफसर शव लेकर दरवाजे पर पहुंचे। यहां बारी-बारी सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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