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छात्रसभा ने दिया धरना, शिक्षक भी नाराज
Updated Fri, 30 Nov 2018 10:43 PM IST
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समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओ ने शहर के सुभाष चौक पर धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। बीआरडी पीजी कॉलेज को आवंटित भूमि बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग पर लोग उद्वेलित हो गए हैं। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने जहां सुभाष चौक पर धरना दिया, वहीं कॉलेज शिक्षकों ने बैठक कर कार्रवाई की निंदा की। कॉलेज की भूमि बचाने को लेकर विभिन्न संगठनों के लोग भी आगे आए हैं।
समाजवादी छात्र सभा के धरने में शामिल कार्यकर्ता सरकार व प्रशासन विरोधी नारे लगाते रहे। सपा नेता विजय रावत ने कहा कि प्रशासन व सरकार कॉलेज की जमीन को निरस्त कर छात्रों व नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस कॉलेज में यूपी के अलावा अन्य प्रदेशों के छात्र भी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। कॉलेज के छात्रों पर लाठियां भांजकर प्रशासन ने लोकतंत्र का हनन किया है। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि छात्रों पर बर्बरता पुलिस प्रशासन को भारी पड़ेगा। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार में अपने हक के लिए आवाज उठाना भी गुनाह है। युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष रणबीर यादव ने कॉलेज की भूमि निरस्त करने की कार्रवाई को निंदनीय बताया। इस दौरान हरिओम यादव, अमित प्रधान, श्रवण शर्मा, राजवंशी राजभर, मनीष पटेल, हरिकेवल यादव, गुड्डू यादव, ईश्वरचंद्र विश्वकर्मा, सूरज यादव, शुभम वर्मा, इमामुद्दीन खान आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों ने दी कार्य बहिष्कार की धमकी
देवरिया। बीआरडीपीजी कॉलेज के शिक्षकों ने शुक्रवार को सभागार में बैठक कर जिला प्रशासन की ओर से कॉलेज छात्रों पर लाठियां भांजने के कार्रवाई की निंदा की। सभी ने डीएम व एडीएम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव प्रस्ताव पास कर प्रशासन के रवैए की आलोचना की। शिक्षक डॉ. समरेंद्र शर्मा ने कहा कि कॉलेज की मान्यता बचाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्रों पर बल प्रदर्शित करना निंदनीय है। एडीएम ने मौके पर प्राचार्य को ही घटना के लिए दोषी ठहरा दिया और कॉलेज को प्राइवेट बताया। घटना में प्राचार्य की छवि को जिला प्रशासन धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। शिक्षक संघ इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इस मामले में दोनों अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षक संघ इस मुद्दे को लेकर कमिश्नर, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के पास जाएगा। न्याय नहीं मिला तो सभी शिक्षक कार्य बहिष्कार करेंगे। प्राचार्य डॉ. कमलापति ने कहा कि जिला प्रशासन की गतिविधियां निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सारे रिकार्डों की खोजबीन चल रही है। शिक्षक धैर्य के साथ एकजुट होकर मामले को उच्चाधिकारियों के पास ले जाएंगे।
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कॉलेज बचाने की पहल को लेकर जुटने लगे सामाजिक संगठन
देवरिया। बीआरडी कृषि कॉलेज बचाने को लेकर विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक दलों के लोग भी मुखर हुए हैं। शुक्रवार को विभिन्न संगठनों के लोगों ने इस मुुद्दे को लेकर प्राचार्य से मुलाकात की और सारी स्थितियों से अवगत हुए। सोमनाथ मंदिर पर हुई बैठक में किसान मजदूर नेता शिवाजी राय ने कहा कि जिला प्रशासन कॉलेज की भूमि को हड़पने की साजिश कर रहा है। गोरखपुर में प्रदेश सरकार ने गन्ना शोध संस्थान की एवं गुजरात में कृषि विश्वविद्यालय की जमीन को अधिग्रहित कर नैनो को बिना शुल्क लिए दे चुकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि जिला प्रशासन का निर्णय छात्रहित में अनुचित है। शिक्षक एसोसिएशन के डॉ.चतुरानन ओझा ने कहा कि जो लोग इसे कृषि विश्वविद्यालय की मान्यता दिलाने के लिए चुनाव में घोषणा कर रहे थे, सत्ता पाने के बाद वह इस जमीन पर कब्जा पाने को सक्रिय हो गए हैं। बैठक को पूर्वांचल स्वराज अभियान के जनार्दन शाही, प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी, पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के मंडल अध्यक्ष अरविंद गिरी, रामप्रताप सिंह, जय सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
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समाजवादी छात्र सभा के धरने में शामिल कार्यकर्ता सरकार व प्रशासन विरोधी नारे लगाते रहे। सपा नेता विजय रावत ने कहा कि प्रशासन व सरकार कॉलेज की जमीन को निरस्त कर छात्रों व नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस कॉलेज में यूपी के अलावा अन्य प्रदेशों के छात्र भी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। कॉलेज के छात्रों पर लाठियां भांजकर प्रशासन ने लोकतंत्र का हनन किया है। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि छात्रों पर बर्बरता पुलिस प्रशासन को भारी पड़ेगा। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार में अपने हक के लिए आवाज उठाना भी गुनाह है। युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष रणबीर यादव ने कॉलेज की भूमि निरस्त करने की कार्रवाई को निंदनीय बताया। इस दौरान हरिओम यादव, अमित प्रधान, श्रवण शर्मा, राजवंशी राजभर, मनीष पटेल, हरिकेवल यादव, गुड्डू यादव, ईश्वरचंद्र विश्वकर्मा, सूरज यादव, शुभम वर्मा, इमामुद्दीन खान आदि मौजूद रहे।
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शिक्षकों ने दी कार्य बहिष्कार की धमकी
देवरिया। बीआरडीपीजी कॉलेज के शिक्षकों ने शुक्रवार को सभागार में बैठक कर जिला प्रशासन की ओर से कॉलेज छात्रों पर लाठियां भांजने के कार्रवाई की निंदा की। सभी ने डीएम व एडीएम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव प्रस्ताव पास कर प्रशासन के रवैए की आलोचना की। शिक्षक डॉ. समरेंद्र शर्मा ने कहा कि कॉलेज की मान्यता बचाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्रों पर बल प्रदर्शित करना निंदनीय है। एडीएम ने मौके पर प्राचार्य को ही घटना के लिए दोषी ठहरा दिया और कॉलेज को प्राइवेट बताया। घटना में प्राचार्य की छवि को जिला प्रशासन धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। शिक्षक संघ इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। इस मामले में दोनों अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षक संघ इस मुद्दे को लेकर कमिश्नर, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के पास जाएगा। न्याय नहीं मिला तो सभी शिक्षक कार्य बहिष्कार करेंगे। प्राचार्य डॉ. कमलापति ने कहा कि जिला प्रशासन की गतिविधियां निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सारे रिकार्डों की खोजबीन चल रही है। शिक्षक धैर्य के साथ एकजुट होकर मामले को उच्चाधिकारियों के पास ले जाएंगे।
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कॉलेज बचाने की पहल को लेकर जुटने लगे सामाजिक संगठन
देवरिया। बीआरडी कृषि कॉलेज बचाने को लेकर विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक दलों के लोग भी मुखर हुए हैं। शुक्रवार को विभिन्न संगठनों के लोगों ने इस मुुद्दे को लेकर प्राचार्य से मुलाकात की और सारी स्थितियों से अवगत हुए। सोमनाथ मंदिर पर हुई बैठक में किसान मजदूर नेता शिवाजी राय ने कहा कि जिला प्रशासन कॉलेज की भूमि को हड़पने की साजिश कर रहा है। गोरखपुर में प्रदेश सरकार ने गन्ना शोध संस्थान की एवं गुजरात में कृषि विश्वविद्यालय की जमीन को अधिग्रहित कर नैनो को बिना शुल्क लिए दे चुकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि जिला प्रशासन का निर्णय छात्रहित में अनुचित है। शिक्षक एसोसिएशन के डॉ.चतुरानन ओझा ने कहा कि जो लोग इसे कृषि विश्वविद्यालय की मान्यता दिलाने के लिए चुनाव में घोषणा कर रहे थे, सत्ता पाने के बाद वह इस जमीन पर कब्जा पाने को सक्रिय हो गए हैं। बैठक को पूर्वांचल स्वराज अभियान के जनार्दन शाही, प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी, पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के मंडल अध्यक्ष अरविंद गिरी, रामप्रताप सिंह, जय सिंह आदि ने भी संबोधित किया।