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2014 में देवरिया आए थे एनडी तिवारी
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:44 PM IST
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भटनी में अफरोज खान छोटे के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का जिले से गहरा नाता रहा है। वह मुख्यमंत्री रहे तब भी और संगठन के पदाधिकारी के रुप में भी उनका अक्सर जिले में आना-जाना होता था। पार्टी कार्यकर्ताओं से वह सीधे जुड़े थे। यही कारण था कि उत्तराखंड बनने के बाद भी देवरिया से उनका संपर्क नहीं टूटा। अंतिम बार वह वर्ष 2014 में यहां आए थे। पार्टी के पुराने साथी अलाउद्दीन खां की पुण्यतिथि में शामिल होने के बाद उन्होंने भटनी के सुभाष इंटर कॉलेज में सभा को भी संबोधित किया था।
भटनी के अलाउद्दीन खां कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे। पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी के साथ कई आंदोलनों में भी शामिल हुए। 21 जुलाई 2014 को उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर पूर्व सीएम अपनी पत्नी उज्ज्वला तिवारी के साथ शामिल होने भटनी आए थे। हतवा मोहल्ले में आयोजित कार्यक्रम के बाद वह सुभाष इंटर कॉलेज में पहुंचे। अलाउद्दीन खां के बेटे अफरोज खां उर्फ छोटे ने बताया कि लखनऊ से सड़क मार्ग से यहां तक आए पूर्व सीएम ने सड़कों की बदहाली पर तंज कसा था। सपा की मौजूदा सरकार को इसके लिए आगाह भी किया। उन्होंने बताया कि अभिभावक के रूप में एनडी तिवारी उनका हमेशा मार्गदर्शन करते रहे हैं। उधर, शहर के पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने आवास पर भी पूर्व सीएम का दो बार आगमन हुआ था। पुराने दिनों को याद करते हुए पुरुषोत्तम बताते हैं कि एनडी तिवारी का उन्हें विशेष सानिध्य मिलता रहा है। वह उनके राजनीतिक गुरु थे। वर्ष 1996 में जब उन्होंने तिवारी कांग्रेस का गठन किया तब तमाम पार्टी नेता उनका साथ छोड़ रहे थे, लेकिन एनडी तिवारी ने उन्हें अपने साथ ही रोके रखा था। उन्होंने वचन भी दिया कि अंतिम सांस तक उनके साथ ही रहेें। तिवारी कांग्रेस में पुरुषोत्तम नारायण प्रदेश महासचिव और जिलाध्यक्ष भी रहे। तभी वह पहली बार उनके रेलवे स्टेशन रोड स्थित घर आए। कुछ वर्षों बाद कांग्रेस में विलय के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह के साथ भी पहुंचे थे।
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भटनी के अलाउद्दीन खां कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे। पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी के साथ कई आंदोलनों में भी शामिल हुए। 21 जुलाई 2014 को उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर पूर्व सीएम अपनी पत्नी उज्ज्वला तिवारी के साथ शामिल होने भटनी आए थे। हतवा मोहल्ले में आयोजित कार्यक्रम के बाद वह सुभाष इंटर कॉलेज में पहुंचे। अलाउद्दीन खां के बेटे अफरोज खां उर्फ छोटे ने बताया कि लखनऊ से सड़क मार्ग से यहां तक आए पूर्व सीएम ने सड़कों की बदहाली पर तंज कसा था। सपा की मौजूदा सरकार को इसके लिए आगाह भी किया। उन्होंने बताया कि अभिभावक के रूप में एनडी तिवारी उनका हमेशा मार्गदर्शन करते रहे हैं। उधर, शहर के पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने आवास पर भी पूर्व सीएम का दो बार आगमन हुआ था। पुराने दिनों को याद करते हुए पुरुषोत्तम बताते हैं कि एनडी तिवारी का उन्हें विशेष सानिध्य मिलता रहा है। वह उनके राजनीतिक गुरु थे। वर्ष 1996 में जब उन्होंने तिवारी कांग्रेस का गठन किया तब तमाम पार्टी नेता उनका साथ छोड़ रहे थे, लेकिन एनडी तिवारी ने उन्हें अपने साथ ही रोके रखा था। उन्होंने वचन भी दिया कि अंतिम सांस तक उनके साथ ही रहेें। तिवारी कांग्रेस में पुरुषोत्तम नारायण प्रदेश महासचिव और जिलाध्यक्ष भी रहे। तभी वह पहली बार उनके रेलवे स्टेशन रोड स्थित घर आए। कुछ वर्षों बाद कांग्रेस में विलय के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह के साथ भी पहुंचे थे।
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