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चीखे मांग रही इंसाफ,दर्द बेहिसाब
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:35 PM IST
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देवरिया। छेदी कुशवाहा की खेत में प्लास्टिक के नीचे रखी तीनों युवकों की लाश और कुछ दूरी पर प्रधान के दरवाजे पर मौजूद लोग प्रशासन को कोसते नजर आए। युवतियों की चीखें भाइयों की हत्या का इंसाफ मांग रही थीं। पेड़ की छांव में एकत्र गमजदा महिलाओं ने पुलिस-प्रशासन पर भड़ास निकाली।
सदर कोतवाली के सरौरा चौराहे पर हनुमान मंदिर के पास विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। आरोपी हरिशंकर पांडेय के पक्ष की ओर से की गई फायरिंग में सरौरा गांव के इंद्रजीत कुशवाहा, रामप्रवेश राजभर और सत्यप्रकाश की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। सोमवार को सीएम को बुलाने की जिद पर अड़े गांववालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। खेत में रखी गई तीनों लाशों को देखने और महिलाओं का चीत्कार सुनने के बाद वहां मौजूद लोगों की आंखें भर जा रही थीं। चंद्रिका राजभर के दरवाजे पर दुनिया छोड़ चुके सत्यप्रकाश की बहनें संगीता और सुनीता की चीख इंसाफ मांग रही थीं। विलाप कर रही महिलाएं लड़खड़ाती जुबान से पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अफसरों पर केस दर्ज करने की मांग कर रही थीं। रामप्रवेश राजभर की चाची चंदा देवी गुस्से का इजहार करते हुए हनुमान मंदिर के पास शव का अंतिम संस्कार करने की बात कह रही थीं। महिलाओं का तेवर देख पुलिस बैकफुट पर रही। चिलचिलाती धूप के बीच उत्तेजित महिलाएं बोलते-बोलते थक जा रही थीं।
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सदर कोतवाली के सरौरा चौराहे पर हनुमान मंदिर के पास विवादित जमीन पर निर्माण को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। आरोपी हरिशंकर पांडेय के पक्ष की ओर से की गई फायरिंग में सरौरा गांव के इंद्रजीत कुशवाहा, रामप्रवेश राजभर और सत्यप्रकाश की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। सोमवार को सीएम को बुलाने की जिद पर अड़े गांववालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। खेत में रखी गई तीनों लाशों को देखने और महिलाओं का चीत्कार सुनने के बाद वहां मौजूद लोगों की आंखें भर जा रही थीं। चंद्रिका राजभर के दरवाजे पर दुनिया छोड़ चुके सत्यप्रकाश की बहनें संगीता और सुनीता की चीख इंसाफ मांग रही थीं। विलाप कर रही महिलाएं लड़खड़ाती जुबान से पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अफसरों पर केस दर्ज करने की मांग कर रही थीं। रामप्रवेश राजभर की चाची चंदा देवी गुस्से का इजहार करते हुए हनुमान मंदिर के पास शव का अंतिम संस्कार करने की बात कह रही थीं। महिलाओं का तेवर देख पुलिस बैकफुट पर रही। चिलचिलाती धूप के बीच उत्तेजित महिलाएं बोलते-बोलते थक जा रही थीं।
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