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घाघरा के जल स्तर बढने से खतरा बढ़ा
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:04 PM IST
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भागलपुर। घाघरा नदी का जलस्तर तेजी बढ़ रहा है। उफनाती नदी को देख गांववालों को बाढ़ की चिंता सताने लगा है। देवरहा बाबा आश्रम जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है। इससे आश्रम पर श्रद्धालुओं का आवागमन बंद हो गया है।
नदियों का रुख देख प्रशासन अलर्ट हो गया है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 12 बजे घाघरा नदी 65.8 सेमी पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 78 सेमी ऊपर है। नदी में पानी का रफ्तार तेजी से बढ़ रहा है। तटवर्ती गांव भागलपुर, देवसिया, छितुपुर, नरियांव, मईल गांवों के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। भागलपुर-मईल बंधे पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बंधे की मरम्मत नहीं होने के चलते कई स्थानों पर साही की माद हैं। इससे बंधा टूटने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की करीब 200 एकड़ से अधिक फसल पानी में डूब गई है। देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है। सिर्फ साधु और आस-पास के लोग वहां जा रहे हैं। इसकी वजह से श्रद्धालुओं का संपर्क कट गया है। आश्रम पर रहने वाली गायों के सामने चारा का संकट गहरा गया है। गांववालों ने आश्रम पर नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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नदियों का रुख देख प्रशासन अलर्ट हो गया है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 12 बजे घाघरा नदी 65.8 सेमी पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 78 सेमी ऊपर है। नदी में पानी का रफ्तार तेजी से बढ़ रहा है। तटवर्ती गांव भागलपुर, देवसिया, छितुपुर, नरियांव, मईल गांवों के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। भागलपुर-मईल बंधे पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बंधे की मरम्मत नहीं होने के चलते कई स्थानों पर साही की माद हैं। इससे बंधा टूटने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की करीब 200 एकड़ से अधिक फसल पानी में डूब गई है। देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है। सिर्फ साधु और आस-पास के लोग वहां जा रहे हैं। इसकी वजह से श्रद्धालुओं का संपर्क कट गया है। आश्रम पर रहने वाली गायों के सामने चारा का संकट गहरा गया है। गांववालों ने आश्रम पर नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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