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जश्न में डूबी छह गांव की 20 हजार आबादी
Updated Mon, 11 Dec 2017 11:22 PM IST
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रामलक्षन क्षेत्र के सुरजपुर गांव में कुर्ना नदी पर पक्के पुल की आधारशिला रखतें राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर/रामलक्षन। गोरखपुर और देवरिया जिले की सीमा को बांटने वाली कुर्ना नदी के तट पर बसे सूरजपुर सहित छह गांवों में सोमवार को जश्न का माहौल रहा। इससे पूर्व लोग बांस-बल्ली के पुल से नदी पार करते थे।
सोमवार को राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने तीन करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से पक्के पुल की आधारशिला रखी। कार्यक्रम स्थल पर कई गांवों के लोग जुटे थे। कुर्ना नदी के तट पर बसे सूरजपुर, सेखुई, रामनगर, भुतहवां, रैश्री आदि गांवों के लोग झिरझिरवा नाला पार कर गोरखपुर में प्रवेश करते हैं। नदी पर पुल नहीं होने से इन गांवों का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। गांव के लोग नदी पार करने को बरसात में बांस-बल्ली का अस्थाई पुल बनाते रहे हैं। कुर्ना नदी के झिरझिरवा घाट से होकर कई गांवों के लोगों का आवागमन होता है। राज्यमंत्री ने कहा सूरजपुर में पुल निर्माण की अहमियत को सरकार ने तरजीह दी है। अब लोगों को नदी पार करने में दुश्वारियां नहीं झेलनी पड़ेगी।
अब मिली असली आजादी
रामलक्षन। सूरजपुर गांव के रहने वाले राजपति निषाद ने कहा कि गांव के लोग तीन पुश्त से पुल बनने का सपना संजोए हैं। नदी के किनारे बसे छह गांव के लोगों का पुल नहीं बनने से विकास रुक गया था। पुल निर्माण का रास्ता साफ हो जाने से इन गांवों में जश्न मनाया जा रहा है। यहां के लोगों को असली आजादी अब मिली है। बगहा के दिनेश राजभर ने कहा कि कुर्ना नदी देवरिया और गोरखपुर को जोड़ती है। पुल नहीं होने से कई गांवों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा था। पुल निर्माण से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। गांव के हरेराम राजभर, रामभगत निषाद, सुनील निषाद, राजू यादव, अखिलेश सिंह, प्रवीन, राजू गुप्ता, रामनरेश आदि ने खुशी जताई।
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सोमवार को राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने तीन करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से पक्के पुल की आधारशिला रखी। कार्यक्रम स्थल पर कई गांवों के लोग जुटे थे। कुर्ना नदी के तट पर बसे सूरजपुर, सेखुई, रामनगर, भुतहवां, रैश्री आदि गांवों के लोग झिरझिरवा नाला पार कर गोरखपुर में प्रवेश करते हैं। नदी पर पुल नहीं होने से इन गांवों का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। गांव के लोग नदी पार करने को बरसात में बांस-बल्ली का अस्थाई पुल बनाते रहे हैं। कुर्ना नदी के झिरझिरवा घाट से होकर कई गांवों के लोगों का आवागमन होता है। राज्यमंत्री ने कहा सूरजपुर में पुल निर्माण की अहमियत को सरकार ने तरजीह दी है। अब लोगों को नदी पार करने में दुश्वारियां नहीं झेलनी पड़ेगी।
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अब मिली असली आजादी
रामलक्षन। सूरजपुर गांव के रहने वाले राजपति निषाद ने कहा कि गांव के लोग तीन पुश्त से पुल बनने का सपना संजोए हैं। नदी के किनारे बसे छह गांव के लोगों का पुल नहीं बनने से विकास रुक गया था। पुल निर्माण का रास्ता साफ हो जाने से इन गांवों में जश्न मनाया जा रहा है। यहां के लोगों को असली आजादी अब मिली है। बगहा के दिनेश राजभर ने कहा कि कुर्ना नदी देवरिया और गोरखपुर को जोड़ती है। पुल नहीं होने से कई गांवों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा था। पुल निर्माण से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। गांव के हरेराम राजभर, रामभगत निषाद, सुनील निषाद, राजू यादव, अखिलेश सिंह, प्रवीन, राजू गुप्ता, रामनरेश आदि ने खुशी जताई।
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