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रुद्रपुर में पहली बार होगी महिला की ताजपोशी
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:35 PM IST
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रुद्रपुर। नगर पंचायत रुद्रपुर के अध्यक्ष पद पर आजादी के बाद पहली बार किसी महिला की ताजपोशी होना तय है। सीटों के आरक्षण की सूची आने के बाद रुद्रपुर में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलने लगा है। नगर पंचायत में अध्यक्ष पद की दावेदारी ठोकने वाले आरक्षण बदलने के बाद नए सिरे से तैयारी में जुटे हैं। अधिकांश प्रत्याशियों की धरवाली अब मैदान में ताल ठोकती नजर आ रही हैं।
आरक्षण की सूची सार्वजनिक होते ही होर्डिंग और बैनर पर उनकी धर्मपत्नी की तस्वीर आ गई है। फेसबुक और वाट्सअप में भी महिला उम्मीदवारों की फोटो टैग होने लगी है। रुद्रपुर जिले की सबसे पुराना टाउन एरिया है। इसका गठन आजादी से पहले 1867 में हुआ था। तब देवरिया जनपद जिला भी नहीं बना था। आजादी के बाद सबसे पहले रुद्रपुर के नरेश राजा रवि प्रताप नारायण यहां के चेयरमैन मनोनीत हुए। उनका मनोनयन अंग्रेज बहादुर ने किया था। नगर पंचायत के पहले आम चुनाव में चुनाव जीत कर महादेव राम अध्यक्ष बने। 1952 में राजाराम साहू चेयरमैन निर्वाचित हुए। 57 में गोरखनाथ त्रिपाठी और 1962 में रामाज्ञा साहू चेयरमैन निर्वाचित हुए। 1967 में फणिंद्र नाथ त्रिपाठी चेयरमैन बने। 1972 में मंडल त्रिपाठी के निर्वाचन के बाद पंचायत की सीट सुपर सीट कर दी गई। करीब 13 साल नगर पंचायत का चुनाव नहीं हुआ। 1989 में नगर पंचायत का चुनाव कराया गया। 13 साल के ब्रेक के बाद फौजदार शर्मा लगातार दो बार चुनाव जीत कर चेयरमैन रहे। वर्ष 1999 में फौजदार को हराकर डॉ. रामभरोसा त्रिपाठी चेयरमैन निर्वाचित हुए। वर्ष 2005 में रुद्रपुर की जनता ने सुभाष चंद मद्धेशिया को चेयरमैन बनाया। 2012 के आम चुनाव में छट्ठेलाल निगम ने टाउन एरिया की कमान संभाली। टाउन एरिया के इतिहास में यह पहला मौका है जब पहली बार यहां की जनता किसी महिला को चेयरमैन बनाएगी।
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आरक्षण की सूची सार्वजनिक होते ही होर्डिंग और बैनर पर उनकी धर्मपत्नी की तस्वीर आ गई है। फेसबुक और वाट्सअप में भी महिला उम्मीदवारों की फोटो टैग होने लगी है। रुद्रपुर जिले की सबसे पुराना टाउन एरिया है। इसका गठन आजादी से पहले 1867 में हुआ था। तब देवरिया जनपद जिला भी नहीं बना था। आजादी के बाद सबसे पहले रुद्रपुर के नरेश राजा रवि प्रताप नारायण यहां के चेयरमैन मनोनीत हुए। उनका मनोनयन अंग्रेज बहादुर ने किया था। नगर पंचायत के पहले आम चुनाव में चुनाव जीत कर महादेव राम अध्यक्ष बने। 1952 में राजाराम साहू चेयरमैन निर्वाचित हुए। 57 में गोरखनाथ त्रिपाठी और 1962 में रामाज्ञा साहू चेयरमैन निर्वाचित हुए। 1967 में फणिंद्र नाथ त्रिपाठी चेयरमैन बने। 1972 में मंडल त्रिपाठी के निर्वाचन के बाद पंचायत की सीट सुपर सीट कर दी गई। करीब 13 साल नगर पंचायत का चुनाव नहीं हुआ। 1989 में नगर पंचायत का चुनाव कराया गया। 13 साल के ब्रेक के बाद फौजदार शर्मा लगातार दो बार चुनाव जीत कर चेयरमैन रहे। वर्ष 1999 में फौजदार को हराकर डॉ. रामभरोसा त्रिपाठी चेयरमैन निर्वाचित हुए। वर्ष 2005 में रुद्रपुर की जनता ने सुभाष चंद मद्धेशिया को चेयरमैन बनाया। 2012 के आम चुनाव में छट्ठेलाल निगम ने टाउन एरिया की कमान संभाली। टाउन एरिया के इतिहास में यह पहला मौका है जब पहली बार यहां की जनता किसी महिला को चेयरमैन बनाएगी।
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