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गर्भवती को अस्पताल से भगाया
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:35 PM IST
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देवरिया। जिला महिला चिकित्सालय से एक गर्भवती को भगा दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। परिवार वाले उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां गर्भवती का ऑपरेशन कराना पड़ा। मामले की शिकायत पीड़ित ने सीएमओ से की है।
तरकुलवा इलाके के एक गांव की रहने वाले कमरूज्जमा खां पत्नी अशमत आरा के साथ शहर के स्टेशन रोड पर रहते हैं। पत्नी को पिछले कई दिनों से प्रसव पीड़ा हो रही थी। पिछले सप्ताह जब वह पत्नी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो कोई डॉक्टर उनकी नहीं सुन रहा था। अपने एक परिचित के जरिए उन्होंने सीएमओ के चालक को फोन कराया। सीएमओ के चालक ने पहुंचकर उनका उपचार कराया। इस बात से डॉक्टर और अन्य कर्मचारी खफा थे। दो दिन पूर्व जब वह पत्नी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो देखते ही डॉक्टर और अन्य स्टाफ बिफर पड़े। कमरूज्जमा खां का कहना है कि डॉक्टर ने कहा कि बहुत सिफारिश कराता है। इसका पेट चीर कर छोड़ दो। इससे कमरूज्जमा खां डर गए और पत्नी को लेकर किसी निजी अस्पताल में चले गए। उन्होंने सीएमओ से इस मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसएन सिंह का कहना है कि जिला महिला चिकित्सालय की बहुत शिकायत है। वहां की डॉक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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तरकुलवा इलाके के एक गांव की रहने वाले कमरूज्जमा खां पत्नी अशमत आरा के साथ शहर के स्टेशन रोड पर रहते हैं। पत्नी को पिछले कई दिनों से प्रसव पीड़ा हो रही थी। पिछले सप्ताह जब वह पत्नी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो कोई डॉक्टर उनकी नहीं सुन रहा था। अपने एक परिचित के जरिए उन्होंने सीएमओ के चालक को फोन कराया। सीएमओ के चालक ने पहुंचकर उनका उपचार कराया। इस बात से डॉक्टर और अन्य कर्मचारी खफा थे। दो दिन पूर्व जब वह पत्नी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो देखते ही डॉक्टर और अन्य स्टाफ बिफर पड़े। कमरूज्जमा खां का कहना है कि डॉक्टर ने कहा कि बहुत सिफारिश कराता है। इसका पेट चीर कर छोड़ दो। इससे कमरूज्जमा खां डर गए और पत्नी को लेकर किसी निजी अस्पताल में चले गए। उन्होंने सीएमओ से इस मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसएन सिंह का कहना है कि जिला महिला चिकित्सालय की बहुत शिकायत है। वहां की डॉक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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