फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   कविताओं में सुनाई शहीदों की शौर्य गाथा

कविताओं में सुनाई शहीदों की शौर्य गाथा

Sat, 16 Feb 2019 11:35 PM IST
Harishankar Tiwari हरिशंकर तिवारी
Updated Sat, 16 Feb 2019 11:35 PM IST
विज्ञापन
कविताओं में सुनाई शहीदों की शौर्य गाथा
देवरिया महोत्सव में बागिशा ने नृत्य की प्रस्तुति दी। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। देवरिया महोत्सव की पांचवीं शाम शहीदों के नाम रही। संदेशे आते हैं..., मौला मेरे ले ले मेरी जान... जैसे देशभक्ति गीतों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। गीतकारों ने सूफियाना अंदाज में शहीदों के बलिदान और गौरव गाथा को प्रस्तुत किया।
विज्ञापन

गणेश वंदना के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में ‘स्वर द बैंड गोरखपुर’ की टीम के गायक ईश्वर आनंद पांडेय ने शहीदों के बलिदान पर आधारित शास्त्रीय संगीत सूफियाना अंदाज में पेश किया। इस ग्रुप में मुख्य रूप से निखिल रंजन, सलमान कुरैशी, सलमान खान, सुधीर गौतम, श्रुतिधर शामिल रहे। ईश्वर आनंद पांडेय ने संदेशे आते हैं..., मौला मेरे ले ले मेरी जान... आदि गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद आठ साल की बालिका बागीशा पंत और पर्णिका श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय गीत व देशप्रेम के गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल ने स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया। इसके बाद कवि सम्मेलन व मुशायरे में का भी आयोजन हुआ। कवियों ने भी अपनी रचनाओं के केंद्र में राष्ट्रप्रेम रखा। कविताओं के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। देर रात प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ राजेश त्यागी भी कार्यक्रम में पहुंचकर शहीद सैनिक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं आशा : सूर्यप्रताप
देवरिया। देवरिया महोत्सव के सातवें दिन जनपद स्तरीय आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही और सीडीओ राजेश त्यागी ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रत्येक ब्लॉक की 16-16 आशाओं को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति में भलुअनी की टीम प्रथम रही। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। एएनएम के साथ मिलकर ये स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाती हैं। आशा कार्यकर्ताओं की मेहनत के बदौलत ही स्वास्थ्य बेहतर हुई हैं। सम्मेलन में लखनऊ से आए विषय विशेषज्ञों ने कन्या भ्रूण हत्या निषेध अधिनियम पर चर्चा किया। आशा कार्यकर्ताओं ने सांस्कृतिक मंच के माध्यम से अलग-अलग संदेश प्रस्तुत किया। आशा गीत, पारंपरिक गीत, आशा की कहानी उनकी जुबानी, बेटा घर का चिराग, बेटी घर की रोशनी, नवका बाबू के बचाव, दस्तक कार्यक्रम आदि पर मनमोहक प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भलुअनी प्रथम, तरकुलवा द्वितीय और बैतालपुर तृतीय स्थान पर रहा। भटनी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस दौरान डीपीओ प्रभात कुमार, एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. डीवी शाही आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed