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जान देने जा रही सगी बहनों को लोगों ने बचाया...
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:28 PM IST
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नाना की डांट के बाद जान देने पहुंची दो बहनें
गौरीबाजार थानाक्षेत्र के मठिया माफी गांव का मामला
देर रात ट्रैक की ओर बढ़ रही बहनों को लोगों ने रोका
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीबाजार। नाना की डांट से क्षुब्ध होकर जान देने जा रही दो सगी बहनों को ग्रामीणों की सतर्कता से बचा लिया गया। बहनें रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई थी। उनके मंसूबों को भांपते हुए लोगों ने उन्हें ट्रेन के सामने से हटाया गया। घटना गौरीबाजार रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास की है। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
बड़हलगंज के एक गांव निवासी दो बहनें गौरीबाजार थानाक्षेत्र के मठिया माफी गांव स्थित ननिहाल आई हुई थी। बड़ी बहन 15 वर्ष की है, जबकि छोटी 14 वर्ष की। बताते हैं कि शुक्रवार की रात खाना खाने के दौरान किसी बात को लेकर नाना ने उन्हें डांट दिया। इससे आहत दोनों बहनों ने जान देने का फैसला कर लिया। रात करीब 11 बजे वह घर से निकलीं और गौरीबाजार रेलवे स्टेशन पहुंचीं। दोनों बहनें पूर्वी केबिन के पास बैठ गई। ट्रेन आने का सिग्नल होने पर फाटक बंद कर दिया। ट्रेन नजदीक आने लगी तो दोनों बहनें उठकर रेलवे लाइन की ओर जाने लगीं। आसपास के लोगों को उनकी हरकत पर शक हुआ। मंसूबे भांपते हुए लोग उनके पास पहुंचे और दोनों को रेलवे लाइन से दूर ले गए। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची यूपी-100 पीआरवी दोनों बहनों को थाने ले गई। थाने पहुंच ननिहाल वालों को बुलाकर पुलिस ने समझाकर किशोरियों को सुपुर्द कर दिया। एसओ परमाशंकर यादव ने बताया कि रात को गांव के प्रधान और लड़कियों के नाना आए थे। इनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया।
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गौरीबाजार थानाक्षेत्र के मठिया माफी गांव का मामला
देर रात ट्रैक की ओर बढ़ रही बहनों को लोगों ने रोका
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीबाजार। नाना की डांट से क्षुब्ध होकर जान देने जा रही दो सगी बहनों को ग्रामीणों की सतर्कता से बचा लिया गया। बहनें रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई थी। उनके मंसूबों को भांपते हुए लोगों ने उन्हें ट्रेन के सामने से हटाया गया। घटना गौरीबाजार रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास की है। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
बड़हलगंज के एक गांव निवासी दो बहनें गौरीबाजार थानाक्षेत्र के मठिया माफी गांव स्थित ननिहाल आई हुई थी। बड़ी बहन 15 वर्ष की है, जबकि छोटी 14 वर्ष की। बताते हैं कि शुक्रवार की रात खाना खाने के दौरान किसी बात को लेकर नाना ने उन्हें डांट दिया। इससे आहत दोनों बहनों ने जान देने का फैसला कर लिया। रात करीब 11 बजे वह घर से निकलीं और गौरीबाजार रेलवे स्टेशन पहुंचीं। दोनों बहनें पूर्वी केबिन के पास बैठ गई। ट्रेन आने का सिग्नल होने पर फाटक बंद कर दिया। ट्रेन नजदीक आने लगी तो दोनों बहनें उठकर रेलवे लाइन की ओर जाने लगीं। आसपास के लोगों को उनकी हरकत पर शक हुआ। मंसूबे भांपते हुए लोग उनके पास पहुंचे और दोनों को रेलवे लाइन से दूर ले गए। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची यूपी-100 पीआरवी दोनों बहनों को थाने ले गई। थाने पहुंच ननिहाल वालों को बुलाकर पुलिस ने समझाकर किशोरियों को सुपुर्द कर दिया। एसओ परमाशंकर यादव ने बताया कि रात को गांव के प्रधान और लड़कियों के नाना आए थे। इनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया।
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