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आज से स्कूलों में तालाबंदी करेगें शिक्षामित्र
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:27 PM IST
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रुद्रपुर। सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। उन्होंने शुक्रवार से सरकारी स्कूलों में तालाबंद करने का ऐलान किया। गुरुवार को रुद्रपुर बीआरसी पर बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
बैठक में समायोजित शिक्षक मणिंद्र नारायण सिंह मोनू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के 72 घंटे बाद भी यूपी सरकार के किसी जिम्मेदार की ओर से शिक्षामित्रों के संबंध में कोई बयान नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार की चुप्पी शिक्षामित्रों के आंदोलन को हिंसात्मक बनाना चाहती है। गोरखपुर में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं। सरकार के इस बर्बर कार्रवाई से यह साफ हो गया वह शिक्षामित्रों का भला नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र अपने हक की लड़ाई लड़ना जानते है। उनके आंदोलन के आगे सरकार को झुकना होगा। उमाशंकर गुप्त ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ घोर अन्याय हुआ है। सरकार यदि उनके ऊपर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं करेगी तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा अब लाठी के बल पर आंदोलन रुकने वाला नहीं है। कल से शिक्षामित्र प्राथमिक स्कूलों में तालाबंद करेंगे। रुद्रपुर के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर भी अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी की जाएगी। इंदुभूषण तिवारी ने कहा कि जब तक सरकार शिक्षामित्रों का अधिकार वापस नहीं देती आंदोलन जारी रहेगा। अब यह सरकार के ऊपर है कि वह आंदोलन का पटाक्षेप करती है या और उग्र बनाती है। बैठक में रामप्रताप यादव, नितेश मद्धेशिया, गुड्डु यादव, अंबिकेश त्रिपाठी, अजय राव, मनोज यादव आदि शिक्षामित्र मौजूद रहें।
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बैठक में समायोजित शिक्षक मणिंद्र नारायण सिंह मोनू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के 72 घंटे बाद भी यूपी सरकार के किसी जिम्मेदार की ओर से शिक्षामित्रों के संबंध में कोई बयान नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार की चुप्पी शिक्षामित्रों के आंदोलन को हिंसात्मक बनाना चाहती है। गोरखपुर में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं। सरकार के इस बर्बर कार्रवाई से यह साफ हो गया वह शिक्षामित्रों का भला नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र अपने हक की लड़ाई लड़ना जानते है। उनके आंदोलन के आगे सरकार को झुकना होगा। उमाशंकर गुप्त ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ घोर अन्याय हुआ है। सरकार यदि उनके ऊपर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं करेगी तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा अब लाठी के बल पर आंदोलन रुकने वाला नहीं है। कल से शिक्षामित्र प्राथमिक स्कूलों में तालाबंद करेंगे। रुद्रपुर के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर भी अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी की जाएगी। इंदुभूषण तिवारी ने कहा कि जब तक सरकार शिक्षामित्रों का अधिकार वापस नहीं देती आंदोलन जारी रहेगा। अब यह सरकार के ऊपर है कि वह आंदोलन का पटाक्षेप करती है या और उग्र बनाती है। बैठक में रामप्रताप यादव, नितेश मद्धेशिया, गुड्डु यादव, अंबिकेश त्रिपाठी, अजय राव, मनोज यादव आदि शिक्षामित्र मौजूद रहें।
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