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देवबंदी उलेमा के निशाने पर अखिलेश सरकार
देवबंद/ब्यूरो
Updated Sat, 09 Mar 2013 08:39 AM IST
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दारुल उलूम वक्फ के मुबल्लिग (धार्मिक प्रचारक) मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सपा सरकार को कठोर कदम उठाने की जरूरत है। सूबे में बिगड़ी कानून व्यवस्था के कारण आज पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं।
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मदरसा जामिया उलूम-ए-इस्लामिया के संस्थापक अथर उस्मानी के मोहल्ला शाहबुखारी स्थित आवास पर आयोजित उलेमा की बैठक में मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने सच्चर कमेटी, रंगनाथ मिश्र समिति की रिपोर्ट लागू कराने, इस्लामिक शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि लोगों की समस्याओं के साथ-साथ जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार पर है।
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लेकिन अफसोस की बात यह है कि प्रदेश सरकार न तो जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है और न ही कानून व्यवस्था को दुरुस्त कर पा रही है। उन्होंने पुलिस क्षेत्राधिकारी जियाउलहक व यादव बंधुओं की हत्याओं पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था के कारण आज पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं।
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इस वजह से जनता अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही है। मदरसा दारुल मुसाफिरीन के मोहतमिम सैय्यद अकील हुसैन ने कहा कि कुरान और हदीस के बताए रास्ते को मजबूती से पकड़े बिना मुसलमान दीन व दुनिया में सफलता हासिल नहीं कर सकता। मुसलमानों में इस्लामिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
उन्होंने सीओ जियाउलहक और नन्हे यादव की हत्या की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की।