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खुलासा: दामोदर को भीड़ ने घेर कर मारा था
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 05 Oct 2013 12:04 AM IST
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मुजफ्फरनगर में सात सितंबर को हुई हिंसा में हुई दामोदर की हत्या में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। दोनों ने खुलासा किया कि हमले की खबर के जुनून में भीड़ ने उन्हें घेर कर मारा था।
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अधमरी हालत में भी दामोदर जान बचाकर भागा था, लेकिन बच नहीं सका। हत्या में सात अन्य लोगों के नाम आए हैं, जिनकी तलाश में दबिश चल रही हैं। मृतक के शरीर पर चाकू और छुरी के दस घाव पाए गए थे।
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पुलिस के अनुसार, शहर में हिंसा का पहला शिकार कृष्णापुरी का 42 साल का दामोदर ही बना था। एआरटीओ कार्यालय के बाहर छोले की ठेली लगाने वाला दामोदर सात सितंबर को फक्करशाह होते हुए घर लौट रहा था। इसी बीच उन्मादियों की भीड़ ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।
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एसपी सिटी श्रवण कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए खालापार के नदीम और शादाब पठान को गिरफ्तार करने का दावा किया। आरोपियों के हवाले से एसपी ने बताया कि मीनाक्षी चौक पर एक वृद्ध पर हमले की अफवाहों के बाद सैकड़ों लोगों की भीड़ सड़कों पर आ गई थी।
इसी बीच उग्र युवकों ने दामोदर को पकड़ लिया। पहले तो लात-घूंसों से पिटाई की गई। इसी बीच भीड़ में से कई युवकों ने चाकू-छुरी से उसके शरीर पर अनगिनत प्रहार कर दिए थे। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हुई थी। सीओ सिटी संजीव वाजपेयी के मुताबिक अब तक की जांच में सात और हमलावरों के नाम प्रकाश में आए हैं।
दामोदर की हत्या में पकड़े गए नदीम का कहना है कि शुरुआती मारपीट में तो वह शामिल रहा है, जबकि चाकू और छुरी मारने वाले दूसरे युवक थे। अलबत्ता बरामद हुए तमंचे से दो फायर करने की बात उसने स्वीकार की है।
आरोपी शहीद चौक पर एक लोहे की दुकान में काम करता है। उधर, दूसरे आरोपी शादाब का कहना है कि दामोदर पर हमले में उसका कोई हाथ नहीं है। फायरिंग के साथ शोर-शराबा सुनकर वह चौराहे पर आया था। यह घटना उसकी आंखों के सामने हुई। दहशत की वजह से वह फिर घर में चला गया था।