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यूपी: संविदा पर भर्ती होंगे 72 हजार शिक्षक?

Tue, 12 Mar 2013 01:02 PM IST
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Mar 2013 01:02 PM IST
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court was delayed, 72 thousand teachers will recruited on contract
बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा है कि अदालत के निर्देश की वजह से 72,825 टीचरों की बहाली प्रक्रिया रुक गई है। यदि यह मामला इसी तरह अदालत में उलझा रहेगा तो हम संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति कर पढ़ाई जारी रखेंगे। बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए चौधरी ने कहा कि अब गुरुजनों-शिक्षकों से पूरे सदन की ओर से अपील करेंगे कि वह प्रदेश में शिक्षा की हालत में तेजी से जुट जाएं।
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प्राथमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहली बार हमने प्रदेश में शिक्षकों के तबादले को भ्रष्टाचार से मुक्त कराया है। शिक्षकों की सुविधा को ख्याल रखते हुए हमने बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं लेकिन किसी भी मामले में रिश्वत नहीं ली गई। अगर कहीं से भी ऐसी शिकायत आई तो अफसरों के खिलाफ हमने सख्त कार्रवाई की है। चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग से हम भ्रष्टाचार को हम जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
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उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों की नियुक्ति केवल उन्हीं जगहों पर होगी जहां कि स्कूल सड़क के पास हैं और आने-जाने की सुविधा है। हमने अधिकारियों को इस बारे में साफ निर्देश दिए हैं। इसके अलावा हमने शिक्षकों को कई अनावश्यक कामों से मुक्ति दिला दी है।
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सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अब शिक्षकों को केवल जनगणना, दैवीय आपदा और चुनाव के मामले में ही उनकी ड्यूटी लगाएं। उन्होंने कहा कि हमने शिक्षा मित्रों का मानदेय 5000 रुपये बढ़ाने की सिफारिश केंद्र से की है। इसके अलावा हमारी कोशिश उन्हें चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग देकर अध्यापक के रूप में नियुक्ति करने की भी है।

चौधरी ने सदन को बताया कि पिछली बार कुछ दिक्कतों की वजह से हम स्कूलों में छात्रों को समय से किताबें उपलब्ध नहीं करा पाए थे लेकिन इस बार पहले से ही सारे इंतजाम कर लिए गए हैं।

इस बार पढ़ाई की शुरुआत के साथ ही पहले दिन ही छात्रों को किताबें मुहैया करा दी जाएंगी और 15 अगस्त तक ड्रेस भी उन्हें उपलब्ध करा दिए जाएंगे। प्राथमिक शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों की योग्यता निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों से कहीं ज्यादा है लेकिन एक झूठे प्रचार का शिकार होकर लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं। सरकारी स्कूलों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रेरित करने का अभियान भी हम शुरू करने वाले हैं।


बसपा विधायक नीरज मौर्य ने प्राथमिक शिक्षा के बजट पर कटौती प्रस्वाव रखते हुए कहा कि यूपी में 3 लाख शिक्षकों की भारी कमी है। बहस में हिस्सा लेते हुए सपा के शिवकांत ओझा ने सुझाव दिया कि बेसिक शिक्षा को फिर से वर्गीकरण करने की जरूरत है। कक्षा तीन से आठ को ही प्राथमिक शिक्षा के अधीन रखना चाहिए जबकि इससे पहले शिशु शिक्षा का वर्ग बनाने की जरूरत है। चर्चा में भाजपा के राधामोहन अग्रवाल, रामलाल अकेला, कालीचरण सुमन, मनोज पांडेय, रुबी प्रसाद ने मुख्य रूप हिस्सा लिया। बाद में ध्वनिमत से बेसिक शिक्षा के बजट को पारित कर दिया गया।
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