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गन्ना किसानों के भुगतान पर कोर्ट सख्त

Fri, 25 Jul 2014 09:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Fri, 25 Jul 2014 09:11 PM IST
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court strict on payment to sugarcane farmers

चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया वसूलने में सुस्ती पर हाईकोर्ट सरकार से नाखुश है।

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शुक्रवार को अदालत ने इस मसले पर सरकारी अमले को फटकार लगाई। पूछा कि जब एक जुलाई को ही आदेश कर दिया गया था कि भुगतान में तेजी लाई जाए तो फिर इतनी सुस्ती क्यों दिखाई गई।

अदालत ने पांच दिन के भीतर इसका स्पष्टीकरण मांगा है। यह पूछा है कि जिन 52 चीनी मिलों को आरसी जारी की गई है, उनसे वसूली की क्या कार्रवाई की गई।

राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की खंडपीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि जून माह में सरकार ने चीनी मिलों से 1720 करोड़ रुपये की वसूली की।
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एक जुलाई जब कोर्ट ने वसूली में और तेजी लाने तथा 24 जुलाई तक पूरा भुगतान करने का आदेश दिया तो इस दौरान सरकार सिर्फ 605.95 करोड़ रुपये ही मिल मालिकों से वसूल सकी।
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प्रदेश सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने बताया कि सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों का बकाया भुगतान करने के लिए 400 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। शीघ्र ही किसानों को इसका वितरण किया जाएगा।

मिलों की ओर से यह भी कहा गया कि 391 करोड़ रुपये पावर कारपोरेशन के पास मिलों का बकाया है। इसका भुगतान कराया जाए। मजदूर यूनियर का पक्ष रख रहे वीएम सिंह ने कहा कि मिल मालिकों को सरकार जानबूझ कर ढील दे रही और सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।


चीनी मिल मालिक केंद्र सरकार से अब तक 15000 करोड़ रुपये का पैकेज ले चुके हैं इसके बावजूद किसानों को पैसा नहीं मिला है। याचिका पर एक अगस्त को अगली सुनवाई होगी।

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