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जानिए, क्या बना सीएम अखिलेश के जान का बवाल?
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2013 12:12 AM IST
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यूपी में फर्जी झंडा, बैनर, पैड व विजिटिंग कार्ड सपा के लिए मुसीबत बने ही थे, अब फर्जी सपाई संगठन भी सपा के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जान का बवाल बन गए हैं।
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पिछले डेढ़ साल में इस मुद्दे पर कई बार नसीहत व हिदायत देने के बावजूद परेशान मुख्यमंत्री ने जिलों के पदाधिकारियों को इन संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को कहा है।
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साथ ही साफ किया है कि सपा के घोषित संगठनों के अलावा किसी भी फाउन्डेशन या ट्रस्ट का समाजवादी पार्टी से संबंध नहीं है।
अखिलेश ने दी चेतावनी
सपा के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में समाजवादी शब्द जोड़कर फाउण्डेशन एवं ट्रस्ट गठित करने के चलन पर नाराजगी व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि इन संगठनों के तथाकथित पदाधिकारियों द्वारा पार्टी के झण्डे के रंग में लेटर पैड एवं विजटिंग कार्ड का प्रयोग करने की शिकायत मिली है। यह पार्टी की नीतियों एवं निर्देशों के विपरीत है। जिला एवं महानगर अध्यक्षों को इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करनी चाहिए।
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इन संगठनों का पार्टी से लेनादेना नहीं :
प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि समाजवादी लोहिया फाउण्डेशन, समाजवादी जनेश्वर मिश्र फाउण्डेशन तथा लोहिया के लोग फाउण्डेशन / ट्रस्ट को पार्टी से किसी प्रकार की मान्यतानहीं है।
समाजवादी पार्टी के संविधान में ऐसे किसी संगठन का प्रावधान भी नहीं है। इन संगठनों को समाजवादी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों का किसी प्रकार का संरक्षण एवं सहयोग पार्टी नीतियों के विरुद्ध माना जाएगा।
उन्होंने सभी जिला व महानगर अध्यक्षों, महासचिवों, सॉसदों, विधायकों, राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों / सदस्य, संबद्ध प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों, पूर्व राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्षों व प्रमुख साथियों के नाम जारी परिपत्र में कहा है कि भविष्य में यदि समाजवादी महान विभूतियों के नामों को जोड़कर कोई फाउण्डेशन ट्रस्ट आदि संगठन के बनने की जानकारी हो तो उस पर तत्काल आपत्ति दर्ज कराई जाए। साथ ही प्रदेश कार्यालय को जानकारी दी जाए।