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दबंगों ने पुलिस अधिकारी को गोलियों से भूना
प्रतापगढ़/ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2013 11:21 AM IST
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उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान और उसके भाई ही हत्या की जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी को दबंगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उन्हें गोलियों से भून डाला।
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शनिवार को सर्किल ऑफिसर (सीओ) जियाउल हक प्रतापगढ़ जिले के कुंडा के बलीपुर गांव में ग्राम प्रधान और उसके भाई की हत्या की खबर पाकर गांव पहुंचे थे।
लेकिन वह प्रधान और विरोधी पक्ष के बीच हो रही फायरिंग में घिर गए। हमलावरों ने सीओ और उनके गनर इमरान को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी और राड से पीटा।
उन्होंने सीओ को गोलियों से भून दिया। हमले में गनर इमरान को भी गोली लगी। देर रात तक गांव में फायरिंग, आगजनी और बवाल चलता रहा।
वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को सीओ का शव तलाशने में तीन घंटे लगे। फिलहाल कई थानों की फोर्स के साथ आईजी, डीआईजी गांव में कैंप कर रहे हैं। हमलावरों ने सीओ की रिवाल्वर भी लूट ली।
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ग्राम प्रधान की हुई थी हत्या
बलीपुर गांव में नन्हें यादव (40) प्रधान था। शुक्रवार को नन्हें का पाल बस्ती के एक युवक से झगड़ा हुआ था। शनिवार की रात साढ़े आठ बजे नन्हें चौराहे पर था तभी कुछ दबंगों ने हमला कर उसे गोलियों से भून दिया।
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हत्या के बाद प्रधान का शव उसके गांव पहुंचा तो बवाल बढ़ गया। प्रधान के परिवार वालों और विरोधी पक्ष के बीच अंधाधुंध फायरिंग होने लगी। हमलावरों ने प्रधान नन्हें के भाई सुरेश यादव (35) की भी गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों पक्षों में आधा घंटे तक फायरिंग चलती रही।
वारदात की खबर पाकर पहुंचे थे हक
वारदात की खबर पाकर सीओ, कुंडा जियाउल हक गनर इमरान के साथ सीधे गांव पहुंच गए। हालांकि उनके साथ आ रही पुलिस फोर्स फायरिंग की वजह से आगे नहीं बढ़ पाई, जबकि हक व उनका गनर फायरिंग में फंस गए।
वहां हमलावरों ने हक को जमीन पर गिराकर पीटा और उन्हें सिर और सीने में गोली मार दी। बाद में हक के शव को घर के पीछे छिपा दिया, जबकि गनर जान बचाकर भाग गया। सीओ के लापता होने के बाद कोहराम मच गया।
फायरिंग की वजह से पुलिस फोर्स गांव में घुस नहीं पाई। तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस गांव में पहुंची तो सीओ की लाश मिली। सीओ जियाउल हक देवरिया के रहने वाले थे। गोलीबारी और बवाल में कई दर्जन लोग जख्मी हुए हैं।
क्या बोले प्रमुख गृह सचिव
यह प्रधानी की रंजिश का पुराना मामला है। जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के जीते हुए प्रधान की हत्या कर दी। इसी से गुस्सा भड़क उठा और मारे गए प्रधान के बेटे की फायरिंग में सीओ की मौत हो गई है।
आरएम श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव (गृह)