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Chitrakoot News: एक साथ तीन शव पहुंचे तो रो पड़ा गांव
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चित्रकूट/मानिकपुर। चुरेह केशरुआ अहिरान डांडी में गुरुवार को जैसे ही तीन शव पहुंचे तो पूरा पुरवा गमगीन हो गया। गमगीन माहौल में तीनों का परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। उधर, घायल सात महिलाओं की हालत में काफी सुधार बताया गया है।
जिले की सीमा से सटे सतना मप्र के बाबूपुर चौकी के सिगवां के पास तेंदू पत्ता लेकर जा रही पिकअप पलट गई थी। इसमें सवार चुरेह केशरुआ निवासी सीमा कोल, संगीता कोल और रानी कोल की मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजन गांव लेकर पहुंचे। परिजन रोते-बिलखते रहे। सीमा के दो पुत्र व रानी कोल के दो पुत्री एक पुत्र के अलावा संगीता के माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों के अनुसार मेहनत मजदूरी कर ही परिवार का भरण पोषण होता है। तीनों तेंदू पत्ता बेचने ही सतना गई थीं।
इसके अलावा इस हादसे में घायल इसी गांव की गुड़िया, विमला, संतोषिया, रज्जी, प्रेमा, लीला व कलावती की हालत में कुछ सुधार बताया गया है। अभी सभी सतना अस्पताल में ही भर्ती हैं।
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जिले की सीमा से सटे सतना मप्र के बाबूपुर चौकी के सिगवां के पास तेंदू पत्ता लेकर जा रही पिकअप पलट गई थी। इसमें सवार चुरेह केशरुआ निवासी सीमा कोल, संगीता कोल और रानी कोल की मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजन गांव लेकर पहुंचे। परिजन रोते-बिलखते रहे। सीमा के दो पुत्र व रानी कोल के दो पुत्री एक पुत्र के अलावा संगीता के माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों के अनुसार मेहनत मजदूरी कर ही परिवार का भरण पोषण होता है। तीनों तेंदू पत्ता बेचने ही सतना गई थीं।
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इसके अलावा इस हादसे में घायल इसी गांव की गुड़िया, विमला, संतोषिया, रज्जी, प्रेमा, लीला व कलावती की हालत में कुछ सुधार बताया गया है। अभी सभी सतना अस्पताल में ही भर्ती हैं।
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