{"_id":"5fa2e5248ebc3e9bbc066aec","slug":"the-other-end-of-the-mysterious-cave-was-found-chitrakutt-news-knp592462819","type":"story","status":"publish","title_hn":"चित्रकूट: रहस्यमयी गुफा का मिला दूसरा छोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चित्रकूट: रहस्यमयी गुफा का मिला दूसरा छोर
विज्ञापन
चित्रकूट के गुप्तगोदावरी के पास थर पहाड़ पर मिली गुफा का दूसरा हिस्सा।
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट/खोही। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में अनेक रहस्यमयी गुफाए हैं। गुप्त गोदावरी के पास थर पहाड़ पर तीन दिन पहले एक रहस्यमयी गुफ ा मिली थी, जिसका बुधवार सुबह दूसरा छोर मिलने पर आसपास के कई लोग लगभग 100 मीटर अंदर तक घुस गए।
गुफा के अंदर से लौटे ग्रामीणों ने बताया कि यह बेहद चिकने व सफेद रंग के पत्थर की गुफा है। जो कुछ हद तक गुप्त गोदावरी की गुफा से मिलती-जुलती है। यह पहाड़ के एक छोर से दूसरे छोर पर जाकर खुलती है।
जिले की सीमा अंतर्गत नगर पंचायत चित्रकू ट के पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी के पास स्थित थर पहाड़ के पास सड़क निर्माण के लिए खुदाई का कार्य चल रहा है। रविवार को उसी दौरान यहां पर एक रहस्यमयी प्राचीन गुफा मिली थी। इसका दूसरा छोर स्थानीय ग्रामीणों ने तलाश लिया है।
विज्ञापन
पहाड़ के अंदर सीधा रास्ता बना हुआ है। जो कहीं जा रहा है। वहीं नायब तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह ने राजस्व कर्मी राघवेंद्र व अरूणेंद्र के साथ गुफा स्थल का निरीक्षण किया। बताया कि पर्यटन की दृष्टि से यह गुफा महत्वपूर्ण हो सकती है। इसकी रिपोर्ट शासन व पुरातत्व विभाग को भेजी गई है।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पुरात्व विभाग के शिक्षकों से भी इस मामले में सलाह ली जाएगी। महंत दिव्य जीवनदास, महंत संत नवलेश दीक्षित ने बताया कि धर्मनगरी में कई पौराणिक रहस्य हैं। इस गुफा को लेकर पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराकर जांच कराई जाए।
विज्ञापन
गुफा के अंदर से लौटे ग्रामीणों ने बताया कि यह बेहद चिकने व सफेद रंग के पत्थर की गुफा है। जो कुछ हद तक गुप्त गोदावरी की गुफा से मिलती-जुलती है। यह पहाड़ के एक छोर से दूसरे छोर पर जाकर खुलती है।
विज्ञापन
जिले की सीमा अंतर्गत नगर पंचायत चित्रकू ट के पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी के पास स्थित थर पहाड़ के पास सड़क निर्माण के लिए खुदाई का कार्य चल रहा है। रविवार को उसी दौरान यहां पर एक रहस्यमयी प्राचीन गुफा मिली थी। इसका दूसरा छोर स्थानीय ग्रामीणों ने तलाश लिया है।
विज्ञापन
पहाड़ के अंदर सीधा रास्ता बना हुआ है। जो कहीं जा रहा है। वहीं नायब तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह ने राजस्व कर्मी राघवेंद्र व अरूणेंद्र के साथ गुफा स्थल का निरीक्षण किया। बताया कि पर्यटन की दृष्टि से यह गुफा महत्वपूर्ण हो सकती है। इसकी रिपोर्ट शासन व पुरातत्व विभाग को भेजी गई है।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पुरात्व विभाग के शिक्षकों से भी इस मामले में सलाह ली जाएगी। महंत दिव्य जीवनदास, महंत संत नवलेश दीक्षित ने बताया कि धर्मनगरी में कई पौराणिक रहस्य हैं। इस गुफा को लेकर पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराकर जांच कराई जाए।