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Chitrakoot News: चौराहों की लौटी रौनक, फव्वारे और लाइटिंग शुरू
Tue, 07 Apr 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:10 AM IST
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फोटो 06 सीकेटीपी-01-शंख चौराहे में चलता फव्वारा व जलती लाइट। संवाद
चित्रकूट। शहर के शंख, पटेल और धनुष चौराहों पर लंबे समय से बंद फव्वारे और लाइटिंग अब फिर से चालू हो गए हैं। यह कार्रवाई अमर उजाला में पांच अप्रैल को प्रकाशित खबर के बाद नगर पालिका और पर्यटन विभाग द्वारा की गई। इन चौराहों पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन देखरेख के अभाव में ये बदरंग हो गए थे।
बंद पड़े फव्वारों और बुझी लाइटों के कारण रात के समय इन चौराहों पर अंधेरा रहता था। इससे न केवल शहर की छवि प्रभावित हो रही थी, बल्कि राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि इन चौराहों को आकर्षक बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि, नियमित रखरखाव न होने से ये बेकार साबित हो रहे थे। कई महीनों से बंद पड़े फव्वारों में गंदगी जमा हो गई थी। लाइटें भी खराब पड़ी थीं, जिससे चौराहे बदरंग नजर आने लगे थे। अमर उजाला ने पांच अप्रैल के अंक में फव्वारे ठप, स्ट्रीट लाइटें भी बंद, चौराहे हुए बदरंग शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर के प्रकाशन के बाद नगर पालिका और पर्यटन विभाग हरकत में आया और तत्काल स्थिति का संज्ञान लिया। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर खराब फव्वारों की मरम्मत कराई और बंद लाइटिंग को भी दुरुस्त कर चालू कराया। ऐसे में रंग-बिरंगी लाइटिंग से पूरा क्षेत्र जगमगाने लगा है। चौराहों पर लौटी इस रौनक से स्थानीय लोगों और राहगीरों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब रात के समय भी इन स्थानों पर रोशनी रहती है। इससे न सिर्फ सुरक्षा की भावना बढ़ी है बल्कि शहर की खूबसूरती भी निखरकर सामने आई है।
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बंद पड़े फव्वारों और बुझी लाइटों के कारण रात के समय इन चौराहों पर अंधेरा रहता था। इससे न केवल शहर की छवि प्रभावित हो रही थी, बल्कि राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि इन चौराहों को आकर्षक बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि, नियमित रखरखाव न होने से ये बेकार साबित हो रहे थे। कई महीनों से बंद पड़े फव्वारों में गंदगी जमा हो गई थी। लाइटें भी खराब पड़ी थीं, जिससे चौराहे बदरंग नजर आने लगे थे। अमर उजाला ने पांच अप्रैल के अंक में फव्वारे ठप, स्ट्रीट लाइटें भी बंद, चौराहे हुए बदरंग शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर के प्रकाशन के बाद नगर पालिका और पर्यटन विभाग हरकत में आया और तत्काल स्थिति का संज्ञान लिया। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर खराब फव्वारों की मरम्मत कराई और बंद लाइटिंग को भी दुरुस्त कर चालू कराया। ऐसे में रंग-बिरंगी लाइटिंग से पूरा क्षेत्र जगमगाने लगा है। चौराहों पर लौटी इस रौनक से स्थानीय लोगों और राहगीरों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब रात के समय भी इन स्थानों पर रोशनी रहती है। इससे न सिर्फ सुरक्षा की भावना बढ़ी है बल्कि शहर की खूबसूरती भी निखरकर सामने आई है।

फोटो 06 सीकेटीपी-01-शंख चौराहे में चलता फव्वारा व जलती लाइट। संवाद
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