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हलछठ का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया
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फोटो-6- हलछठ की पूजन करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। पुत्र और परिवार की सुख समृद्धि के लिए हलछठ का पर्व शनिवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र बरगढ़, मानिकपुर, मऊ, राजापुर, भरतकूप आदि स्थानों पर परंपरागत तरीके से मनाया। महिलाएं निर्जला उपवास रखकर कांस, कुसा व झड़बेरी से बनी हलछठ की विधि विधान से पूजा अर्चना की।
भादों माह की छठी तिथि को मनाये जाने वाले इस पर्व में महिलाओं ने हलछठ के पर्व में सात प्रकार के अनाज, चीनी के कोढावा, व अन्य सामग्री रखकर विधिविधान से पूजा पाठ किया। कहा जाता है कि हलछठ की पूजा करने से पुत्रों की दीर्घ आयु होती है। इस दिन महिलायें खेत नहीं जाती और न ही अनाज से बना भोजन करती हैं। बच्चों को तिलक लगाकर माताओं ने आशीर्वाद दिया। इस दिन श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्मदिन भी मनाया जाता है।
मानिकपुर, राजापुर, सरैंया, भरतकूप, शिवरामपुर, खोही, सीतापुर, मऊ, लालता रोड, रामनगर व भौंरी क्षेत्र में कई स्थानों पर गाजे बाजे के साथ हलछठ का पर्व मनाया गया। गांव में कई जगह सुबह से महिलाओं ने व्रत रखकर पूजन की सामग्री एकत्र की। दोपहर तक पूजन के बाद व्रत का पारन किया। इस पर्व को लेकर जिले के कई जगहों में अनाज भूनने के लिए भट्ठियां जलती रहीं।
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भादों माह की छठी तिथि को मनाये जाने वाले इस पर्व में महिलाओं ने हलछठ के पर्व में सात प्रकार के अनाज, चीनी के कोढावा, व अन्य सामग्री रखकर विधिविधान से पूजा पाठ किया। कहा जाता है कि हलछठ की पूजा करने से पुत्रों की दीर्घ आयु होती है। इस दिन महिलायें खेत नहीं जाती और न ही अनाज से बना भोजन करती हैं। बच्चों को तिलक लगाकर माताओं ने आशीर्वाद दिया। इस दिन श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्मदिन भी मनाया जाता है।
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मानिकपुर, राजापुर, सरैंया, भरतकूप, शिवरामपुर, खोही, सीतापुर, मऊ, लालता रोड, रामनगर व भौंरी क्षेत्र में कई स्थानों पर गाजे बाजे के साथ हलछठ का पर्व मनाया गया। गांव में कई जगह सुबह से महिलाओं ने व्रत रखकर पूजन की सामग्री एकत्र की। दोपहर तक पूजन के बाद व्रत का पारन किया। इस पर्व को लेकर जिले के कई जगहों में अनाज भूनने के लिए भट्ठियां जलती रहीं।
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