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कई मामले में था वांछित था इनामी भालचंद्र

Sat, 09 Oct 2021 12:01 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 12:01 AM IST
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The family members are a little satisfied with the order of the court.
चित्रकूट। डाकू भालचंद्र की मौत के मामले में एसपी समेत 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के अदालत के आदेश के बाद परिजनों में थोड़ी संतुष्टि मिली है। पत्नी नथुनिया, बड़े भाई फूलचंद्र ने कहा कि आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। दावा किया कि भालचंद्र पर 30 मार्च से पहले किसी थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं थी। आरोप लगाया कि छोटे भाई लालचंद्र को तमंचा व कारतूस रखने के फर्जी मामले में पुलिस ने जेल भेज दिया, जिससे उसका कॅरियर खराब हो रहा है। वह पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। हालांकि वह जमानत पर छूट आया है।
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शुक्रवार को एमपी के सतना जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के पड़वनियां गांव जब मीडिया की टीम पहुंची तो डाकू भालचंद्र के घर के आसपास सन्नाटा था। पत्नी और बड़े भाई ने कहा कि वे पहले से फर्जी मुठभेड़ बता रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। एसटीएफ व पुलिस टीम ने भालचंद्र और लालचंद्र को रास्ते से पकड़कर भालचंद्र का फर्जी एनकाउंटर किया था। जांच होगी तो सच्चाई सामने आएगी। बताया कि भालचंद्र के पिता रामऔतार के पास आजीविका के लिये महज डेढ़ बीघा जमीन है। भालचंद्र के तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। लालचंद्र के पास पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र भी था। मप्र पुलिस भर्ती के लिए अप्रैल में परीक्षा थी लेकिन उसे तमंचा और कारतूस में जेल भेज दिया गया। 20 सितंबर को वह जमानत पर बाहर आया है।
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एसपी बोले-अदालत के आदेश पर होगा अमल
डाकू भालचंद्र की मौत मामले में एसपी समेत 18 एसटीएफ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के कोर्ट के आदेश के दूसरे दिन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। अदालत ने दो दिन में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि हाईकोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार जानकारी की जा रही है। जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश हैं वह अदालत में रिवीजन पर गए हैं। कई तथ्य हैं जिनकी रिपोर्ट मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज होगी। अदालत के आदेश पर अमल होगा।
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कई मामले में वांछित था भालचंद्र
भालचंद्र यादव के खिलाफ कई मामले यूपी और एमपी के थानों में दर्ज हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक वह कई बार जेल जा चुका था। मप्र सरकार से उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी थेा। मुठभेड़ से करीब एक माह पहले सतना की मझगवां थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दस दिन जेल में रहने के बाद जमानत पर छूटा था। भालचंद्र व डकैत गौरी यादव आपस में चचेरे साले-बहनोई हैं। जंगल से लगे पड़मनिया आदि गांवों में तेंदू पत्ता, सड़क निर्माण और वन विभागों के कार्य कराने वाले ठेकेदारों से डकैत गौरी यादव को बुलाकर रंगदारी वसूलता था।
21 मई 2020 को भालचंद्र ने गौरी यादव गैंग के साथ मिलकर ग्राम एमपी के जिल्लहा में सौखीलाल कोरी व अन्य दो लोगों को पकड़ कर बंदूक की बट एवं लाठी डंडे से पीटा था। तेंदू पत्ता तुड़वाने वाले ठेकेदार से 50 हजार रुपये की मांग की थी।

तीन जनवरी 2021 को भालचंद्र ने गैंग के साथ मिलकर थाना बहिलपुरवा के दादरी जंगल में वन विभाग के काम बंद करवा कर वन कर्मचारी के साथ मारपीट कर पैसों की मांग की थी।
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