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Chitrakoot News: बंदरों को जिम्मेदार ठहरा कर बच निकलते जिम्मेदार
Sat, 13 Sep 2025 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:02 AM IST
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फोटो05सीकेटीपी-1- परिचय- कामदगिरी परिक्रमा मार्ग पर टूटा टीन शेड़ । संवाद
खोही (चित्रकूट)। धर्मनगरी के कामदनाथ परिक्रमा मार्ग पर दो साल पहले लगाए गए टिनशेड की टिनें कई जगह से टूट चुकी हैं। कई जगह पर दरारें आ गई हैं। डेढ़ करोड़ की लागत से बनवाए गए इन शेडों में घटिया सामग्री लगाए जाने का व्यापार मंडल ने आरोप लगाया है। इसमें कहा कि डेढ़ करोड़ की टिन लगने के बाद भी बारिश में पानी से श्रद्धालु भीगते हैं और जब अधिकारी जिम्मेदारों से बात करते हैं तो बंदरों को दोषी ठहराया जाता है।
कामदगिरी की दिनभर लोग परिक्रमा लगाते हैं। अधिकारी भी निरीक्षण करने जाते हैं लेकिन किसी को यह दिखाई नहीं पड़ता है। बारिश के समय टिनशेड से पानी टपकता है। परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु भीगते हैं। व्यापारियों ने घटिया सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगाया है। परिक्रमा मार्ग में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से टिनशेड लगवाया गया था। लक्ष्मण पहाड़ी से जलेबी वाली गाली पर लगा टिनशेड बीच-बीच में कई जगह से टूट गया है। कुछ स्थानों पर बंदरों ने उछल कूदकर टिनशेड को अस्त व्यस्त कर दिया है। इस कारण बारिश का पानी नीचे आता है और मार्ग में भर जाता है। श्रद्धालु भीग जाते हैं, परिक्रमा लगाने में फिसलन से गिरने का भी खतरा रहता है।
इसके बाद भी टिनशेड को सही नहीं कराया जा रहा है। ठीक न कराने से टिन टूटने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। व्यापार मंडल के महामंत्री संदीप गुप्ता व गंगा केसरवानी, परमेश्वर दयाल शुक्ला, अंकित कुमार मिश्रा, राकेश केसरवानी, बुद्ध विलास पाल ने बताया कि टिन लगाते समय ही मानकों का पालन नहीं किया गया था। व्यापार मंडल ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगा शिकायत भी की थी लेकिन कोई असर नहीं हुआ था। उसी तरह टिनशेड का निर्माण करा दिया था।
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टिनशेड का निर्माण पहले हुआ था। बंदरों के उछल कूदकर करने से कुछ जगह टिनशेड टूटने की जानकारी मिली है। प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है। जल्द ही उसको सही कराया जाएगा। -आरके रावत, पर्यटन अधिकारी
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कामदगिरी की दिनभर लोग परिक्रमा लगाते हैं। अधिकारी भी निरीक्षण करने जाते हैं लेकिन किसी को यह दिखाई नहीं पड़ता है। बारिश के समय टिनशेड से पानी टपकता है। परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु भीगते हैं। व्यापारियों ने घटिया सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगाया है। परिक्रमा मार्ग में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से टिनशेड लगवाया गया था। लक्ष्मण पहाड़ी से जलेबी वाली गाली पर लगा टिनशेड बीच-बीच में कई जगह से टूट गया है। कुछ स्थानों पर बंदरों ने उछल कूदकर टिनशेड को अस्त व्यस्त कर दिया है। इस कारण बारिश का पानी नीचे आता है और मार्ग में भर जाता है। श्रद्धालु भीग जाते हैं, परिक्रमा लगाने में फिसलन से गिरने का भी खतरा रहता है।
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इसके बाद भी टिनशेड को सही नहीं कराया जा रहा है। ठीक न कराने से टिन टूटने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। व्यापार मंडल के महामंत्री संदीप गुप्ता व गंगा केसरवानी, परमेश्वर दयाल शुक्ला, अंकित कुमार मिश्रा, राकेश केसरवानी, बुद्ध विलास पाल ने बताया कि टिन लगाते समय ही मानकों का पालन नहीं किया गया था। व्यापार मंडल ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगा शिकायत भी की थी लेकिन कोई असर नहीं हुआ था। उसी तरह टिनशेड का निर्माण करा दिया था।
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टिनशेड का निर्माण पहले हुआ था। बंदरों के उछल कूदकर करने से कुछ जगह टिनशेड टूटने की जानकारी मिली है। प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है। जल्द ही उसको सही कराया जाएगा। -आरके रावत, पर्यटन अधिकारी