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Chitrakoot News: असोह धमाका पुलिस के गले की हड्डी बना
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24 सीकेटीपी-25- घटना स्थल में जांच करती टीम। संवाद
12 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुचीं जांच एजेंसियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पहाड़ी (चित्रकूट)। असोह धमाके की गुत्थी 12 दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी है। 12 सितंबर की रात अशोह गांव के एक खाली प्लॉट में हुए धमाके में एक व्यक्ति के चिथड़े उड़ गए थे। घटनास्थल पर दोनों पैर और जांघ की हड्डी मिलने के बावजूद पुलिस अब तक न मृतक की पहचान कर सकी है और न यह पता लगा सकी है कि धमाका किससे और कैसे हुए।
पुलिस की टीमें लगातार जांच में जुटी होने का दावा कर रही हैं लेकिन फिलहाल किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी अहम है कि विस्फोट के पीछे की पूरी कहानी क्या है और कहीं कोई साजिश तो नहीं थी। पुलिस मैनुअल कॉम्बिंग, ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस का सहारा ले रही है। अस्पतालों में भी जांच कराई जा रही है। कर्वी से कौशांबी तक होटल, ढाबों और अन्य स्थानों पर पूछताछ की गई है। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। हमीरपुर से आई डॉग स्क्वॉड टीम के साथ भी घटनास्थल की सघन जांच की जा चुकी है।
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12 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुचीं जांच एजेंसियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पहाड़ी (चित्रकूट)। असोह धमाके की गुत्थी 12 दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी है। 12 सितंबर की रात अशोह गांव के एक खाली प्लॉट में हुए धमाके में एक व्यक्ति के चिथड़े उड़ गए थे। घटनास्थल पर दोनों पैर और जांघ की हड्डी मिलने के बावजूद पुलिस अब तक न मृतक की पहचान कर सकी है और न यह पता लगा सकी है कि धमाका किससे और कैसे हुए।
पुलिस की टीमें लगातार जांच में जुटी होने का दावा कर रही हैं लेकिन फिलहाल किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी अहम है कि विस्फोट के पीछे की पूरी कहानी क्या है और कहीं कोई साजिश तो नहीं थी। पुलिस मैनुअल कॉम्बिंग, ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस का सहारा ले रही है। अस्पतालों में भी जांच कराई जा रही है। कर्वी से कौशांबी तक होटल, ढाबों और अन्य स्थानों पर पूछताछ की गई है। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। हमीरपुर से आई डॉग स्क्वॉड टीम के साथ भी घटनास्थल की सघन जांच की जा चुकी है।
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