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सरकारी कर्मचारियों ने संडे के दिन लगाए एटीएम के चक्कर
ब्यूरो अमर उजाला चित्रकूट
Updated Sun, 04 Dec 2016 10:57 PM IST
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मुख्यालय के स्टेशन रोड़ स्थित एटीएम के बंद होने के बावजूद नोट निकालने के लिए इंतजार करते ग्राहक।
- फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी का असर जिले में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बैंकों में अवकाश होने से सरकारी कर्मचारी 1द्मस्द्भ पेंशन धारक एटीएम से रुपये निकालने के लिए जूझते रहे। बडे़ मुश्किल से नंबर आने पर जब दो हजार रुपये ही निकले तो परेशान हो गये। एकमात्र एटीएम ही सहारा होने पर मुख्यालय में संचालित तीन एटीएम का सर्वर डाउन होने और रुपये खत्म होने पर भी ग्राहक इंतजार करते रहे।
मुख्यालय के तीन स्थानों में ही कुछ देर एटीएम चलने से रुपये निकालने आये कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड में सुबह से ही लाइन में खडे़ होकर अपना नंबर आने का इंतजार करने लगे।
किसी तरह से एटीएम तक पहुंचे तो उसमें से मात्र दो हजार रुपये निकालने से परेशान हो गये। ग्रामीण ठंड के बीच लाइन लगाए खडे़ कर्मचारी बातचीत करते रहे कि नोट बंदी करने से पहले रुपये देने की व्यवस्था सरकार को पहले करना चाहिए थी।
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नोट निकालनेे के चक्कर में जरूरी कार्य भी छूट जाते हैं। सरकारी कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि नोट बंदी होने के बाद परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। बैंक पूरा वेतन एक साथ नहीं निकाल रहे और एटीएम से महज दो हजार की मिलते हैं। जिससे फीस और घरेलू खर्च भी नहीं चल पा रहा।
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मुख्यालय के तीन स्थानों में ही कुछ देर एटीएम चलने से रुपये निकालने आये कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड में सुबह से ही लाइन में खडे़ होकर अपना नंबर आने का इंतजार करने लगे।
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किसी तरह से एटीएम तक पहुंचे तो उसमें से मात्र दो हजार रुपये निकालने से परेशान हो गये। ग्रामीण ठंड के बीच लाइन लगाए खडे़ कर्मचारी बातचीत करते रहे कि नोट बंदी करने से पहले रुपये देने की व्यवस्था सरकार को पहले करना चाहिए थी।
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नोट निकालनेे के चक्कर में जरूरी कार्य भी छूट जाते हैं। सरकारी कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि नोट बंदी होने के बाद परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। बैंक पूरा वेतन एक साथ नहीं निकाल रहे और एटीएम से महज दो हजार की मिलते हैं। जिससे फीस और घरेलू खर्च भी नहीं चल पा रहा।