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कहीं शिकारियों ने तो नहीं फंसाया था तेंदुआ
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चित्रकूट/मानिकपुर। मानिकपुर रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र से सटे मप्र सीमा के बरौंधा वन क्षेत्र में बुधवार की शाम नीम के पेड़ की टहनियों पर तेंदुआ फंस गया था। घायल तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया लेकिन पैरों में चोट से वह चल नहीं पा रहा था तो डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज किया। रातभर निगरानी मेें रखने के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर हालत में सुधार होने पर उसे जंगल में छोड़ दिया गया है। उधर, डीएफओ ने घटना में शिकारियों के काम की भी आशंका जताई है।
बुधवार को पेड़ पर तेंदुआ फंसे होने की सूचना पर बरौंधा वन क्षेत्र के रेंजर दिग्विजय सिंह व बरौंधा थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र पूरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। बरौंधा वन क्षेत्र के रेंजर ने बताया कि बुधवार की देर शाम उसे जंगल में छोड़ दिया गया था लेकिन हालत खराब देख उसे दुबारा पकड़कर डाक्टरों की निगरानी में रात भर रखा गया। उसके एक पैर व पेट के एक हिस्से में रगड़ लगी है। उम्मीद जताई कि वह कुछ दिनों में स्वत: स्वस्थ्य हो जाएगा।
उधर, सतना वन विभाग के डीएफओ राजीव मिश्रा ने आशंका जताई कि जिस पेड़ में तेंदुआ फंसा था उसमें एक मृत जानवर भी इस तरह रखा गया था कि वह आते-जाते दिखाई पडे़। पेड़ पर कुछ तार के टुकडे़ भी मिले है। यह शिकारियों की चाल भी हो सकती है। कहा कि दिन में ही तेंदुआ फंसने के कारण अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए जिससे शिकारियों का मकसद पूरा नहीं हो पाया। कुछ ऐसे संदिग्ध लोगों की तलाश की जा रही है।
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बुधवार को पेड़ पर तेंदुआ फंसे होने की सूचना पर बरौंधा वन क्षेत्र के रेंजर दिग्विजय सिंह व बरौंधा थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र पूरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। बरौंधा वन क्षेत्र के रेंजर ने बताया कि बुधवार की देर शाम उसे जंगल में छोड़ दिया गया था लेकिन हालत खराब देख उसे दुबारा पकड़कर डाक्टरों की निगरानी में रात भर रखा गया। उसके एक पैर व पेट के एक हिस्से में रगड़ लगी है। उम्मीद जताई कि वह कुछ दिनों में स्वत: स्वस्थ्य हो जाएगा।
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उधर, सतना वन विभाग के डीएफओ राजीव मिश्रा ने आशंका जताई कि जिस पेड़ में तेंदुआ फंसा था उसमें एक मृत जानवर भी इस तरह रखा गया था कि वह आते-जाते दिखाई पडे़। पेड़ पर कुछ तार के टुकडे़ भी मिले है। यह शिकारियों की चाल भी हो सकती है। कहा कि दिन में ही तेंदुआ फंसने के कारण अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए जिससे शिकारियों का मकसद पूरा नहीं हो पाया। कुछ ऐसे संदिग्ध लोगों की तलाश की जा रही है।
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