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शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
Updated Fri, 15 Apr 2016 12:02 AM IST
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कथा सुनाते संत मुरलीधर महाराज।
- फोटो : अमर उजाला
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धर्मनगरी के रामायण मेला परिसर में चल रही रामकथा के सातवें दिन राजस्थान जोधपुर के संत मुरलीधर महाराज ने शिव- पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। सती के सत की महिमा का भी बखान किया। शिव-पार्वती विवाह के वृतांत पर श्रोता झूम उठे।
मुरलीधर महाराज ने कहा कि भगवान शिव को भोला भंडारी कहा जाता है। भगवान भक्तों की भक्ति पर बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। यहां शुक्रवार को रामनवमी के उपलक्ष पर राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर भैरों प्रसाद मिश्रा, रघुवीर सांखला, सुमन, श्रीकांत रामावत आदि मौजूद रहे। उधर श्री रघुवीर मंदिर ट्रस्ट बड़ी गुफा में चल रही रामकथा में उमाशंकर महाराज ने कहा कि जो बाल कांड का पाठ करते हैं, उनके जीवन में हमेशा आनंद की वर्षा होती रहती है।
कथा व्यास ने अयोध्या कांड का वर्णन करते हुए कहा कि रामचरित मानस साधारण ग्रंथ नहीं है। यह जीवन का साक्षात दर्पण है। साधारण दर्पण से मनुष्य का बाहरी रूप ही दिखाई देता है। मानस रूपी दर्पण से जीवन का आंतरिक स्वरूप दिखाई देता है।
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मुरलीधर महाराज ने कहा कि भगवान शिव को भोला भंडारी कहा जाता है। भगवान भक्तों की भक्ति पर बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। यहां शुक्रवार को रामनवमी के उपलक्ष पर राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर भैरों प्रसाद मिश्रा, रघुवीर सांखला, सुमन, श्रीकांत रामावत आदि मौजूद रहे। उधर श्री रघुवीर मंदिर ट्रस्ट बड़ी गुफा में चल रही रामकथा में उमाशंकर महाराज ने कहा कि जो बाल कांड का पाठ करते हैं, उनके जीवन में हमेशा आनंद की वर्षा होती रहती है।
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कथा व्यास ने अयोध्या कांड का वर्णन करते हुए कहा कि रामचरित मानस साधारण ग्रंथ नहीं है। यह जीवन का साक्षात दर्पण है। साधारण दर्पण से मनुष्य का बाहरी रूप ही दिखाई देता है। मानस रूपी दर्पण से जीवन का आंतरिक स्वरूप दिखाई देता है।
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