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किसानों ने स्कूल में बंद किए अन्ना गोवंश
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राजापुर (चित्रकूट)। अन्ना गोवंशों से फसलें बचाने के लिए किसानों ने शुक्रवार की शाम लगभग सौ गोवंशों को पकड़कर यहां के प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। इससे शनिवार को शिक्षण कार्य ठप हो गया। सूूचना मिलने पर तहसीलदार रामकेवल त्रिपाठी ने पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। बाद में सचिव घनश्याम शुक्ला ने आश्वासन देकर गोवंशों को विद्यालय से बाहर निकलवाया। बाद में गांव के बाहर बनी अस्थाई गोशाला में रखवाया।
अन्ना गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे गुस्साए किसानों ने शुक्रवार की शाम को विद्यालय परिसर में लगभग एक सैकड़ा अन्ना गोवंशों को बाड़ लगाकर बंद कर दिया। शनिवार की सुबह जब बच्चे व शिक्षक स्कूल पहुंचे तो वहां का नजारा देख चौंक गए। किसी तरह अंदर तो पहुंचे, लेकिन परिसर में मौजूद गोवंशों को ही देखते रहे। लगभग तीन घंटे तक शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ। गांव के किसानों ने कहा कि राजापुर से सटे ग्राम पंचायत महुआ गांव, पटवरिया, सरधुवा, बरद्वारा, बक्टा, बिहरवां, नैनी आदि तिरहार क्षेत्र के गांवों में अन्ना गोवंशों को गोशाला में संरक्षित करने की औपचारिकताएं ही की जाती हैं। गांव के जियालाल ने बताया कि रात में छोड़े गए जानवर फसलों को चट कर रहे हैं। किसान पूरी रात अपने खेतों की रखवाली के लिए जागते हैं।
मामले की जानकारी होने पर तहसीलदार रामकेवल त्रिपाठी, एडीओ पंचायत रामरूप सिंह, सचिव घनश्याम शुक्ला मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। प्रधान सावित्री देवी को निर्देश दिए गए की गोशाला से कोई भी अन्ना गोवंशों को छोड़ा नहीं जाएगा। यदि कोई भी गोवंश रात में छोड़े गए तो चौकीदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। गोशाला के चारों तरफ कटीली तारे तुरंत लगवा दी गई है। इस पर मामला शांत हुआ और विद्यालय से गोवंशों को हटाकर गोशाला भेजा गया है।
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अन्ना गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे गुस्साए किसानों ने शुक्रवार की शाम को विद्यालय परिसर में लगभग एक सैकड़ा अन्ना गोवंशों को बाड़ लगाकर बंद कर दिया। शनिवार की सुबह जब बच्चे व शिक्षक स्कूल पहुंचे तो वहां का नजारा देख चौंक गए। किसी तरह अंदर तो पहुंचे, लेकिन परिसर में मौजूद गोवंशों को ही देखते रहे। लगभग तीन घंटे तक शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ। गांव के किसानों ने कहा कि राजापुर से सटे ग्राम पंचायत महुआ गांव, पटवरिया, सरधुवा, बरद्वारा, बक्टा, बिहरवां, नैनी आदि तिरहार क्षेत्र के गांवों में अन्ना गोवंशों को गोशाला में संरक्षित करने की औपचारिकताएं ही की जाती हैं। गांव के जियालाल ने बताया कि रात में छोड़े गए जानवर फसलों को चट कर रहे हैं। किसान पूरी रात अपने खेतों की रखवाली के लिए जागते हैं।
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मामले की जानकारी होने पर तहसीलदार रामकेवल त्रिपाठी, एडीओ पंचायत रामरूप सिंह, सचिव घनश्याम शुक्ला मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। प्रधान सावित्री देवी को निर्देश दिए गए की गोशाला से कोई भी अन्ना गोवंशों को छोड़ा नहीं जाएगा। यदि कोई भी गोवंश रात में छोड़े गए तो चौकीदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। गोशाला के चारों तरफ कटीली तारे तुरंत लगवा दी गई है। इस पर मामला शांत हुआ और विद्यालय से गोवंशों को हटाकर गोशाला भेजा गया है।
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