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इनामी डाकू शंकर को दबोचा
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चित्रकूट। डाकू नवल धोबी गैंग के दस हजार के इनामी डाकू शंकर रैदास को पुलिस ने दबोच लिया है। इसके खिलाफ दो शिक्षकों का अपहरण कर फिरौती वसूलने व तीन अन्य मामले दर्ज हैं। सरगना के आत्मसमर्पण के बाद से यह गैंग छोड़कर भाग गया था।
बांदा के खुरहंड गांव निवासी शंकर रैदास पुत्र संतोष उर्फ कट्टा के गांव के आसपास होने की सूचना पर गुरुवार को नयागांव मप्र जिला सतना थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने टीम के साथ घेराबंदी की। पुलिस को देख आरोपी गांव के बाहर भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस पर दस हजार रुपये का इनाम था और यूपी एमपी के थानों में तीन मामले दर्ज हैं। जिसमें थर पहाड़ के पास से गैंग सरगना नवल धोबी के साथ दो शिक्षकों का अपहरण कांड शामिल है। गौरतलब है कि इस गैंग का सरगना डाकू नवल ने दो साल पूर्व पुलिस के दबाव के चलते सतना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया है।
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इसके बाद से गैंग टूट गया। गैंग के कई सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। शंकर रैदास गैंग छोड़कर उस इलाके से चला गया था। पुलिस के अनुसार यह चित्रकूट, अतर्रा व बांदा में मजदूरी करता था।
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बांदा के खुरहंड गांव निवासी शंकर रैदास पुत्र संतोष उर्फ कट्टा के गांव के आसपास होने की सूचना पर गुरुवार को नयागांव मप्र जिला सतना थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने टीम के साथ घेराबंदी की। पुलिस को देख आरोपी गांव के बाहर भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।
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थाना प्रभारी ने बताया कि इस पर दस हजार रुपये का इनाम था और यूपी एमपी के थानों में तीन मामले दर्ज हैं। जिसमें थर पहाड़ के पास से गैंग सरगना नवल धोबी के साथ दो शिक्षकों का अपहरण कांड शामिल है। गौरतलब है कि इस गैंग का सरगना डाकू नवल ने दो साल पूर्व पुलिस के दबाव के चलते सतना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया है।
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इसके बाद से गैंग टूट गया। गैंग के कई सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। शंकर रैदास गैंग छोड़कर उस इलाके से चला गया था। पुलिस के अनुसार यह चित्रकूट, अतर्रा व बांदा में मजदूरी करता था।