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Chitrakoot News: रटने से ज्यादा लिखने का करें अभ्यास
Tue, 06 Jan 2026 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:04 AM IST
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चित्रकूट। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की गहमागहमी के बीच, परीक्षार्थी विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए तरीकों से तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। शिक्षकों का जोर इस बात पर है कि केवल पाठ्यक्रम को रटने के बजाय, लिखने के अभ्यास पर अधिक ध्यान दिया जाए। इतिहास जैसे विषयों में जहां विस्तृत उत्तर लिखने की आवश्यकता होती है, वहां मॉडल पेपर हल करना एक महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए सुनियोजित अध्ययन और कुछ विशेष तकनीकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इतिहास के प्रवक्ता राम बचन सिंह ने छात्रों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जो परीक्षा की तैयारी को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उनके अनुसार, इतिहास को केवल याद करने का विषय न समझकर, उसे गहराई से समझने की आवश्यकता है।
प्रवक्ता सिंह का मानना है कि इतिहास को समझने की कुंजी नियमित अध्ययन में निहित है। छात्रों को प्रत्येक अध्याय को अत्यंत ध्यानपूर्वक करना चाहिए। पढ़ते समय, महत्वपूर्ण तथ्यों, घटनाओं और तिथियों को रेखांकित करना या नोट करना एक प्रभावी तरीका है। यह न केवल विषय की समझ को बढ़ाता है, बल्कि परीक्षा के समय रिवीजन को भी आसान बनाता है।
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एनसीईआरटी का महत्व और मॉडल पेपर का उपयोग
इतिहास के अध्ययन के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकें एक बेहतरीन संसाधन मानी जाती हैं। ये पुस्तकें इतिहास की मूल बातों को स्पष्ट और सुलभ तरीके से प्रस्तुत करती हैं। परीक्षार्थियों के लिए, इन पुस्तकों के अध्ययन के साथ-साथ मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करना भी अनिवार्य है। इससे उन्हें परीक्षा के पैटर्न, पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार और महत्वपूर्ण विषयों का अंदाजा लगता है, जिससे तैयारी को सही दिशा मिलती है।
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तिथियों का करें अभ्यास
इतिहास में अंक प्राप्त करने के लिए तिथियों यानी वर्ष का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रवक्ता सिंह जोर देते हैं कि परीक्षा में सही अंक पाने के लिए तिथियों को याद रखना और उन्हें क्रमबद्ध तरीके से लिखना आवश्यक है। इसके लिए रोज सुबह-शाम अभ्यास करना फायदेमंद होता है।
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इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए सुनियोजित अध्ययन और कुछ विशेष तकनीकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इतिहास के प्रवक्ता राम बचन सिंह ने छात्रों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जो परीक्षा की तैयारी को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उनके अनुसार, इतिहास को केवल याद करने का विषय न समझकर, उसे गहराई से समझने की आवश्यकता है।
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प्रवक्ता सिंह का मानना है कि इतिहास को समझने की कुंजी नियमित अध्ययन में निहित है। छात्रों को प्रत्येक अध्याय को अत्यंत ध्यानपूर्वक करना चाहिए। पढ़ते समय, महत्वपूर्ण तथ्यों, घटनाओं और तिथियों को रेखांकित करना या नोट करना एक प्रभावी तरीका है। यह न केवल विषय की समझ को बढ़ाता है, बल्कि परीक्षा के समय रिवीजन को भी आसान बनाता है।
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एनसीईआरटी का महत्व और मॉडल पेपर का उपयोग
इतिहास के अध्ययन के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकें एक बेहतरीन संसाधन मानी जाती हैं। ये पुस्तकें इतिहास की मूल बातों को स्पष्ट और सुलभ तरीके से प्रस्तुत करती हैं। परीक्षार्थियों के लिए, इन पुस्तकों के अध्ययन के साथ-साथ मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करना भी अनिवार्य है। इससे उन्हें परीक्षा के पैटर्न, पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार और महत्वपूर्ण विषयों का अंदाजा लगता है, जिससे तैयारी को सही दिशा मिलती है।
तिथियों का करें अभ्यास
इतिहास में अंक प्राप्त करने के लिए तिथियों यानी वर्ष का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रवक्ता सिंह जोर देते हैं कि परीक्षा में सही अंक पाने के लिए तिथियों को याद रखना और उन्हें क्रमबद्ध तरीके से लिखना आवश्यक है। इसके लिए रोज सुबह-शाम अभ्यास करना फायदेमंद होता है।