{"_id":"570bf6214f1c1b344b4a6abd","slug":"plant","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर गांव के तीन सौ घरों में लगेंगे पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर गांव के तीन सौ घरों में लगेंगे पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
न्यू शिमला में डीएवी स्कूल के नजदीक पांच हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरेंद्र सिंह राठौड़
चित्रकूट। जिले मेें पौधों की संख्या बढ़ाते हुए गांव- गांव में हरियाली व स्वच्छ हवा के लिए पौधरोपण का एक नया तरीका जिलाधिकारी मोनिका रानी ने तय किया है। इसके तहत प्रत्येक गांव में कम से कम तीन सौ परिवारों को इस कार्यक्रम मेें जोड़कर उनके घरों में पौधे लगवाएं जाएंगे। इसमें विधवा, विकलांग, वृद्धावस्था व समाजवादी पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को वरीयता दी जाएगी। पेंशन लाभार्थियों के साथ ही लघु सीमांत किसानों को भी पौधे दिए जाएंगे। डीएम ने इसके लिए अधिकारियों को सूची बनाने के निर्देश दे दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जुलाई में एक सप्ताह का कार्यक्रम चलाकर जिले के प्रत्येक गांव में तीन सौ घरों में पौधे लगवाएं जाएंगे। जिसमें विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को वरीयता दी जाएगी। इसके अलावा लघु सीमांत किसानों को अपने घरों में लगाने के लिए पौधे दिए जाएंगे। बताया कि कम आबादी वाले गांवों में लाभार्थियों की संख्या कम होगी तो तीन सौ में से बचे हुए पौधे उसी ग्राम सभा के सचिव के क्षेत्राधिकार में आने वाले अन्य गांव में दे दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधे पाने वाले लाभार्थी की मांग पर उसे एक से ज्यादा पौधे भी दिए जाएंगे। पौधरोपण कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी के साथ अधिकारियों को अलग- अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उद्यान विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लाभार्थियों को पौधों को लगाने के तरीके से लेकर देख- रेख व फलदार पौधाें में फल आने के समय डाली जाने वाली दवाएं, खाद आदि के बारे में जानकारी देंगे।
विज्ञापन
चित्रकूट। जिले मेें पौधों की संख्या बढ़ाते हुए गांव- गांव में हरियाली व स्वच्छ हवा के लिए पौधरोपण का एक नया तरीका जिलाधिकारी मोनिका रानी ने तय किया है। इसके तहत प्रत्येक गांव में कम से कम तीन सौ परिवारों को इस कार्यक्रम मेें जोड़कर उनके घरों में पौधे लगवाएं जाएंगे। इसमें विधवा, विकलांग, वृद्धावस्था व समाजवादी पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को वरीयता दी जाएगी। पेंशन लाभार्थियों के साथ ही लघु सीमांत किसानों को भी पौधे दिए जाएंगे। डीएम ने इसके लिए अधिकारियों को सूची बनाने के निर्देश दे दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जुलाई में एक सप्ताह का कार्यक्रम चलाकर जिले के प्रत्येक गांव में तीन सौ घरों में पौधे लगवाएं जाएंगे। जिसमें विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को वरीयता दी जाएगी। इसके अलावा लघु सीमांत किसानों को अपने घरों में लगाने के लिए पौधे दिए जाएंगे। बताया कि कम आबादी वाले गांवों में लाभार्थियों की संख्या कम होगी तो तीन सौ में से बचे हुए पौधे उसी ग्राम सभा के सचिव के क्षेत्राधिकार में आने वाले अन्य गांव में दे दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधे पाने वाले लाभार्थी की मांग पर उसे एक से ज्यादा पौधे भी दिए जाएंगे। पौधरोपण कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी के साथ अधिकारियों को अलग- अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उद्यान विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लाभार्थियों को पौधों को लगाने के तरीके से लेकर देख- रेख व फलदार पौधाें में फल आने के समय डाली जाने वाली दवाएं, खाद आदि के बारे में जानकारी देंगे।
विज्ञापन