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Chitrakoot News: अब बेफ्रिक होकर मंदाकिनी नदी में लगाएं आस्था की डुबकी
Tue, 24 Mar 2026 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:18 AM IST
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फोटो 23सीकेटीपी 16 रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में लगाए गए तैरते अवरोधक। संवाद
चित्रकूट। धार्मिक तीर्थनगरी रामघाट पर मंदाकिनी नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के डूबने का खतरा अब नहीं रहेगा। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नदी में तैरते बैरियर लगाए हैं। इन अवरोधकों पर 26.20 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
ये अवरोधक श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकेंगे। चित्रकूट में हर महीने अमावस्या और अन्य धार्मिक पर्वों पर रामघाट पर भारी भीड़ उमड़ती है। मंदाकिनी नदी में स्नान करना यहां की प्रमुख धार्मिक परंपरा है। गहरे पानी का अनुमान न होने के कारण कई बार श्रद्धालु दुर्घटना का शिकार हो जाते थे। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि अमावस्या व अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वे गहराई का पता न चलने से गहरे पानी में चले जाते थे।
रामघाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बैरियर निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाई थी। इस कार्ययोजना के अनुसार 26.20 लाख रुपये की लागत से तैरते बैरियर स्थापित किए गए हैं। इन तैरते अवरोधकों से स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीमा के भीतर रहने में सहायता मिलेगी। इससे गहरे जल में जाने की संभावना कम होगी।
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ये अवरोधक श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकेंगे। चित्रकूट में हर महीने अमावस्या और अन्य धार्मिक पर्वों पर रामघाट पर भारी भीड़ उमड़ती है। मंदाकिनी नदी में स्नान करना यहां की प्रमुख धार्मिक परंपरा है। गहरे पानी का अनुमान न होने के कारण कई बार श्रद्धालु दुर्घटना का शिकार हो जाते थे। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि अमावस्या व अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वे गहराई का पता न चलने से गहरे पानी में चले जाते थे।
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रामघाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बैरियर निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाई थी। इस कार्ययोजना के अनुसार 26.20 लाख रुपये की लागत से तैरते बैरियर स्थापित किए गए हैं। इन तैरते अवरोधकों से स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीमा के भीतर रहने में सहायता मिलेगी। इससे गहरे जल में जाने की संभावना कम होगी।
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