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बहुचर्चित जुड़वा भाई अपहरण के हत्या मामले में बातचीत के मिलाए साक्ष्य

Wed, 04 Dec 2019 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2019 11:24 PM IST
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Mixed evidence of conversation in the murder case of the famous twin brother kidnapping
चित्रकूट/खोही। बहुचर्चित जुड़वा भाई प्रियांश व श्रेयांश हत्याकांड मामले की विशेष न्यायालय में मंगलवार सुनवाई हुई। फिरौती मांगने की बात के साक्ष्य के लिए वाइस रेकॉर्ड कोर्ट में प्रस्तुत किए गये। जिसमें तीन हत्यारोपियो की आवाज के नमूने फिरौती मांगने के मिलान होने का दावा किया गया है।
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धर्मनगरी के रामघाट निवासी तेल व्यापारी बृजेश रावत के दो जुड़वा पुत्र प्रियांश व श्रेयांश का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। जिसकी सुनवाई विशेष अदालत में चल रही है। विशेष अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 3 दिसंबर को बयान दर्ज कराने के लिए सम्मन जारी किया था। जिसमें वैज्ञानिक अधिकारी डा. एके सोनी, वैज्ञानिक अधिकारी मनोहर दुबे, व एक आरक्षक कोर्ट में प्रस्तुत हुए। इसी के साथ मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को भी सम्मन जारी किया गया था। लेकिन कंपनी की ओर से कोर्ट में कोई भी प्रस्तुती नहीं की गई। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल से रिकवर डाटा संबंधी साक्ष्य भी कोर्ट के सामने लाएं गए। मप्र के सतना शहर में स्थित विशेष न्यायालय में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की तरफ से आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। जुड़वा मासूम भाईयों का अपहरण करने वाले युवकों ने मोबाइल के माध्यम से फिरौती मांगी थी। जिसके सबूत के लिए आरोपियों के सभी छह मोबाइल जब्त कर लिए गए थे। जिनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। इस दौरान सामने आया कि एक मोबाइल खराब हो चुका था। आरोपियों के मोबाइल से डाटा रिकवर किए गए थे। जिस पर वैज्ञानिक अधिकारी मनोहर दुबे ने चार मोबाइल के डाटा निकालकर कोर्ट में प्रस्तुत किए।
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चित्रकूट। जुड़वा भाईयों के हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की आवाज के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। वाइस सैंपल की जांच में स्पष्ट हुआ कि फिरौती की रकम तीन आरोपियों पदमकांत शुक्ला, राजू द्विवेदी, व लकी तोमर ने मांगी थी। तीनों की आवाज फिरौती मांगने वालों की आवाज से मिलान किया गया। ये सभी साक्ष्य वैज्ञानिक अधिकारी डा. एके सोनी ने कोर्ट में प्रस्तुत किए।
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