फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Laborers arrive in Chitrakoot from Hyderabad in ten days

चित्रकूट में हैदराबाद से दस दिन में धर्मनगरी पहुंचे मजदूर

Sun, 05 Apr 2020 09:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2020 09:54 PM IST
विज्ञापन
Laborers arrive in Chitrakoot from Hyderabad in ten days
फोटो- 6- हैदराबाद से रींवा के रास्ते पैदल बांदा हमीरपुर जाने को चित्रकूट पहुंचे मजदूर - फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। लॉकडाउन में कइयों को इतनी दुश्वारियां उठानी पड़ रहीं हैं कि किसी से बात करते समय उनकी जुबान सूखने के कारण खुल नहीं पाती। पैरों में छाले और दर्द से आगे चला नहीं जाता। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार की दोपहर को राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे शहर के पुरानी बाजार में देखने को मिला। हैदराबाद से780 किमी पैदल यात्रा करके छह मजदूर जबलपुर पहुंचे तो एक वाहन मिला जो इन्हें रींवा तक छोड़ गया। बांदा, हमीरपुर और छतरपुर निवासी इन मजदूरों को फिर कोई वाहन नहीं मिला तो पैदल ही चित्रकूट तक पहुंचे। 27 मार्च से शुरू हुआ सफर दस दिन बाद भी खत्म नहीं हुआ। हैरत की बात है कि कई जिलों की सीमाएं सील होने के बाद भी ये सब कई जिले से आराम से चले आए। इनका सतना में मेडिकल परीक्षण हुआ था।
विज्ञापन

हमीरपुर के कुरदन निवासी सगे भाई अशोक और रामेश्वर, पड़ुई बांदा निवासी चंदन कुशवाहा व शिवशंकर और खंडीपहरा छतरपुर निवासी विजय व वीरेंद्र कुमार की कहानी कुछ इसी प्रकार है। रविवार की दोपहर को जब यह पैदल शहर में वाहन की तलाश में पुरानी बाजार में देखे गए तो बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह समेत शंकर ढाबा के जयशंकर मिश्रा के साथ समाजसेवी रामबाबू गुप्ता उनके पास भोजन पानी लेकर पहुंचे। यह देखकर मजदूरों की आंखें नम हो गईं। खाना खाने के बाद अपना दर्द बयां किया। बताया कि हम सब हैदराबाद की एक कंपनी में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन के बाद कंपनी में निर्माण बंद कर मजदूरों को घर में रहने को कहा गया। मकान मालिक ने भी घर जाने को कहा। 27 मार्च को कोई साधन नहीं मिला तो आगे उम्मीद पर सब पैदल ही निकले। तमाम कष्ट व भूख प्यास सहते हुए दो अप्रैल को जबलपुर पहुंचे। इसके बाद एक पिकअप मिला जिसने रींवा तक छोड दिया। रींवा से फिर सतना तक अन्य वाहन से आए लेकिन अब कोई साधन नहीं मिला तो पैदल ही चित्रकूट के रास्ते अपने गांव जा रहे हैं। मजदूरों ने बताया कि उनका सतना में मेडिकल परीक्षण कराया था, जिसकी रसीद उनके पास है। किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed