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कोटेदार 10 किमी दूर, साधन नहीं मिला तो जाम कर दी सड़क
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मानिकपुर के ऊंचाडीह गांव के पास प्रदर्शनकारियों को समझाते एसडीएम संगम लाल।
- फोटो : CHITRAKUTT
मानिकपुर(चित्रकूट)। तहसील इलाके के ऊंचाडीह गांव के बाशिंदों में राशन सामग्री लेने 10 किमी दूर दूसरे गांव में जाने को लेकर गहरी नाराजगी है। बुधवार को चमरौंहा में कोटेदार के यहां जाने के लिए दो दर्जन से अधिक लोगों को गांव के बाहर मुख्य मार्ग पर दो घंटे तक इंतजार के बाद भी साधन नहीं मिला तो यह भड़क गए। कार्डधारकों ने वहीं प्रदर्शन शुरू कर दिया। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर सड़क पर धरना देने लगे। सड़क जाम कर दी।
बुधवार सुबह ऊंचाडीह के लोग चमरौंहा गांव के कोटेदार से राशन लेने निकले। मुख्य सड़क पर दो घंटे इंतजार के बाद भी वाहन नहीं मिला। इससे इनका आक्रोश फूट पड़ा। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र के मुख्य द्वार के पास मारकुंडी व मानिकपुर को जोड़ने वाली सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह लगभग एक घंटे तक सड़क पर धरना देकर बैठे रहे। इनका कहना था कि 40 रुपये किराया देकर कोटेदार के यहां जाना पड़ता है। कई बार गांव में राशन दुकान आवंटित कराने की मांग की गई। सुनवाई नहीं हो रही है। जानकारी पर एसडीएम संगम लाल व बीडीओ राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ पहुंचे। इन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि उनके गांव में राशन की दुकान संचालन की प्रक्रिया चालू है। जल्द समस्या दूर होगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन खत्म किया। एसडीएम ने बताया कि जाम नहीं लगा था। आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया गया है।
पांच माह पहले निलंबित हुआ था ऊंचाडीह का राशन कोटा
चित्रकूट। ऊंचाडीह गांव के कोटेदार के अनियमितताएं बरतने की शिकायत पर लगभग पांच माह पहले दुकान निलंबित कर दी गई। रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद गांव की राशन दुकान चमरौंहा गांव की दुकान से संबद्ध कर दी गई। इसी मामले की तीन माह पहले जांच करने ऊंचाडीह पहुंचे जिला आपूर्ति विभाग की टीम पर कुछ ग्रामीणों ने हमला भी कर दिया था। डीएसओ ध्रुवराज यादव ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया होने से दुकान का संबद्धीकरण चमरौंहा गांव में किया गया है। ग्रामीण नजदीक की दुकान से संबद्धीकरण चाहते हैं। ऊंचाडीह गांव की दुकान नए सिर से आवंटित करने की प्रक्रिया चालू है। अब नियम है कि महिला स्वयं सहायता समूह संचालक को ही दुकान आवंटित की जाएगी। राशन कोटे की चाहत रखने वाले कुछ लोग बेवजह हंगामा करते हैं।
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बुधवार सुबह ऊंचाडीह के लोग चमरौंहा गांव के कोटेदार से राशन लेने निकले। मुख्य सड़क पर दो घंटे इंतजार के बाद भी वाहन नहीं मिला। इससे इनका आक्रोश फूट पड़ा। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र के मुख्य द्वार के पास मारकुंडी व मानिकपुर को जोड़ने वाली सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह लगभग एक घंटे तक सड़क पर धरना देकर बैठे रहे। इनका कहना था कि 40 रुपये किराया देकर कोटेदार के यहां जाना पड़ता है। कई बार गांव में राशन दुकान आवंटित कराने की मांग की गई। सुनवाई नहीं हो रही है। जानकारी पर एसडीएम संगम लाल व बीडीओ राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ पहुंचे। इन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि उनके गांव में राशन की दुकान संचालन की प्रक्रिया चालू है। जल्द समस्या दूर होगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन खत्म किया। एसडीएम ने बताया कि जाम नहीं लगा था। आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया गया है।
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पांच माह पहले निलंबित हुआ था ऊंचाडीह का राशन कोटा
चित्रकूट। ऊंचाडीह गांव के कोटेदार के अनियमितताएं बरतने की शिकायत पर लगभग पांच माह पहले दुकान निलंबित कर दी गई। रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद गांव की राशन दुकान चमरौंहा गांव की दुकान से संबद्ध कर दी गई। इसी मामले की तीन माह पहले जांच करने ऊंचाडीह पहुंचे जिला आपूर्ति विभाग की टीम पर कुछ ग्रामीणों ने हमला भी कर दिया था। डीएसओ ध्रुवराज यादव ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया होने से दुकान का संबद्धीकरण चमरौंहा गांव में किया गया है। ग्रामीण नजदीक की दुकान से संबद्धीकरण चाहते हैं। ऊंचाडीह गांव की दुकान नए सिर से आवंटित करने की प्रक्रिया चालू है। अब नियम है कि महिला स्वयं सहायता समूह संचालक को ही दुकान आवंटित की जाएगी। राशन कोटे की चाहत रखने वाले कुछ लोग बेवजह हंगामा करते हैं।
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