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चार दिन बाद मिला अपहृत किसान
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घटना की जानकारी देता किसान लाला पाल। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट/खोही। चकभूपत रजौला गांव स्थित नलकूप से 28 अगस्त को अपहृत किसान सती अनुसुइया तिराहे के पास सकुशल मिल गया। नया गांव मप्र थाना पुलिस ने पूछताछ के बाद किसान को यूपी चित्रकूट की सदर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। किसान का दावा है कि आठ लोगों के गैंग ने उसे कई रात बंधक बनाकर प्रताड़ित किया। किसी तरह वह छूटकर भाग आया है, जबकि पुलिस को उसकी कहानी पर यकीन नहीं हो रहा है। एसपी ने कहा कि किसान की कई विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं। सच्चाई जल्द उजागर की जाएगी।
बुधवार की सुबह नया गांव मप्र थाना प्रभारी संतोष तिवारी की टीम गश्त पर थी। सती अुनसुइया मोड़ पर पुलिस ने एक ग्रामीण को जंगल की ओर से आते देखा तो रोककर पूछताछ की। इस पर उसने अपना नाम लाला पाल निवासी चकभूपत रजौला बताया। उसने अपहरण की पूरी कहानी बताई। इस पर पुलिस उसे लेकर नयागांव थाने पहुंची। सूचना पर यूपी चित्रकूट से सदर कोतवाली और सीतापुर पुलिस चौकी की टीम भी वहां पहुंची। अपहृत किसान के परिजन भी कोतवाली पहुंचे। सीओ सिटी शीतला प्रसाद पांडेय और कोतवाल वीरेेंद्र त्रिपाठी ने किसान से एक घंटे तक पूछताछ की। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि सभी पक्षकारों के बयान मिलाए जा रहे हैं। किसान की कई बातों में विरोधाभास है। कई बातें संदिग्ध हैं।
जंगल में बनाये रखा बंधक सिर्फ खिलाया बिस्कुट
किसान लालाराम ने बताया कि दो लोग उसे गांव से पकड़कर ले गए। रास्ते में दो अन्य लोग मिले और उसे जंगल में ले गये। उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर पेड़ के पास बैठा दिया। दो रात तक बदमाश उसे प्रताड़ित करते रहे। खाने के लिए सिर्फ बिस्कुट और पानी दिए। इसके बाद आठ लोग हो गए। यह सब बटोही जंगल के आसपास की घटना है। मंगलवार की रात रस्सी ढीली होने पर अंधेरे में वहां से भाग निकला। सुबह होने पर खुद को सती अनुसुइया के आसपास पाया था। किसान के बयान से लगता है कि बटोही जंगल के पास साढ़े पांच लाख का इनामी डाकू गौरी गैैंग या फिर कोई नवोदित गैंग वारदात कर रहा है। कुछ दिन पूर्व कई ट्रक वालों को रोककर गोली चलाई गई थी। एसपी सतना धर्मवीर सिंह ने कहा कि डाकू गौरी यादव गैंग होने की संभावना तो नहीं है लेकिन नवोदित गैंग यदि है तो उसे जल्द ही बेनकाब कर देंगे। इधर एसपी चित्रकूट धवल जायसवाल ने भी कहा कि अपहरण की घटना ही संदेहास्पद है। डाकू गौरी गैंग की तलाश की जा रही है। अभी उसकी लोकेशन यूपी क्षेत्र के आसपास नहीं मिली है।
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बुधवार की सुबह नया गांव मप्र थाना प्रभारी संतोष तिवारी की टीम गश्त पर थी। सती अुनसुइया मोड़ पर पुलिस ने एक ग्रामीण को जंगल की ओर से आते देखा तो रोककर पूछताछ की। इस पर उसने अपना नाम लाला पाल निवासी चकभूपत रजौला बताया। उसने अपहरण की पूरी कहानी बताई। इस पर पुलिस उसे लेकर नयागांव थाने पहुंची। सूचना पर यूपी चित्रकूट से सदर कोतवाली और सीतापुर पुलिस चौकी की टीम भी वहां पहुंची। अपहृत किसान के परिजन भी कोतवाली पहुंचे। सीओ सिटी शीतला प्रसाद पांडेय और कोतवाल वीरेेंद्र त्रिपाठी ने किसान से एक घंटे तक पूछताछ की। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि सभी पक्षकारों के बयान मिलाए जा रहे हैं। किसान की कई बातों में विरोधाभास है। कई बातें संदिग्ध हैं।
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जंगल में बनाये रखा बंधक सिर्फ खिलाया बिस्कुट
किसान लालाराम ने बताया कि दो लोग उसे गांव से पकड़कर ले गए। रास्ते में दो अन्य लोग मिले और उसे जंगल में ले गये। उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर पेड़ के पास बैठा दिया। दो रात तक बदमाश उसे प्रताड़ित करते रहे। खाने के लिए सिर्फ बिस्कुट और पानी दिए। इसके बाद आठ लोग हो गए। यह सब बटोही जंगल के आसपास की घटना है। मंगलवार की रात रस्सी ढीली होने पर अंधेरे में वहां से भाग निकला। सुबह होने पर खुद को सती अनुसुइया के आसपास पाया था। किसान के बयान से लगता है कि बटोही जंगल के पास साढ़े पांच लाख का इनामी डाकू गौरी गैैंग या फिर कोई नवोदित गैंग वारदात कर रहा है। कुछ दिन पूर्व कई ट्रक वालों को रोककर गोली चलाई गई थी। एसपी सतना धर्मवीर सिंह ने कहा कि डाकू गौरी यादव गैंग होने की संभावना तो नहीं है लेकिन नवोदित गैंग यदि है तो उसे जल्द ही बेनकाब कर देंगे। इधर एसपी चित्रकूट धवल जायसवाल ने भी कहा कि अपहरण की घटना ही संदेहास्पद है। डाकू गौरी गैंग की तलाश की जा रही है। अभी उसकी लोकेशन यूपी क्षेत्र के आसपास नहीं मिली है।
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