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कामतानाथ की परिक्रमा कर मांगी खुश्ाहाली
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Sun, 05 Jun 2016 11:21 PM IST
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रामघाट में डुबकी लगाते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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तेज धूप भी आस्थावानों के कदम नहीं रोक सकी। लाखों श्रद्धालुओं ने तपती दोपहर में मंदाकिनी में डुबकी लगाकर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। गर्म पत्थरों की परवाह किए बगैर नंगे पैर और दंडवत परिक्रमा लगाकर मनौती मानी।
ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर 45 डिग्री तापमान रहा। तेेज धूप की तपिश के बाद भी लाखों श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। रविवार को तड़के ही रामघाट स्थित मंदाकिनी में श्रद्धालु डुबकी लगाने लगे। कुछ श्रद्धालु एक दिन पूर्व शनिवार की रात को ही आ गए थे। लाखाें श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी के जल से स्वामी मत्गयेंद्र नाथ का जलाभिषेक कर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। दोपहर एक बजे से चार बजे तक भीड़ का दबाव कुछ कम रहा,
लेकिन शाम होते ही फिर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ी। गर्म पत्थरों की परवाह किए बगैर श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए कामतानाथ की परिक्रमा लगाई। हजारों श्रद्धालुओं ने दंडवत परिक्रमा की। लाखों श्रद्धालुओं के आने को लेकर प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। इसलिए सुरक्षा के साथ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। परिक्रमा मार्ग, रामघाट से लेकर मुख्यालय मार्ग के बीच कुछ स्थानों पर पानी के टैंकर खड़े थे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी टैंकर होने से श्रद्धालुओं को आराम से पानी मिला।
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इस बार तमाम स्थानों पर दुकानदारों और समाजसेवियों ने भी शीतल पेयजल व शर्बत पिलाकर पुण्य कमाया। डीएम मोनिका रानी और एसपी केके चौधरी समेत अन्य अफसरों ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रशासन के कड़े निर्देश के बावजूद टेपाें चालकों की मनमानी पर रोक नहीं लग पाई। किराया लिस्ट चस्पा होने के बावजूद धूप व गर्मी का बहाना बनाकर यात्रियों से मुख्यालय रेलवे स्टेशन से सीतापुर तक 20 रुपया सवारी किराया वसूल किया। कुछ यात्रियों ने विरोध किया लेकिन चालकों की मनमानी जारी रही।
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ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर 45 डिग्री तापमान रहा। तेेज धूप की तपिश के बाद भी लाखों श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। रविवार को तड़के ही रामघाट स्थित मंदाकिनी में श्रद्धालु डुबकी लगाने लगे। कुछ श्रद्धालु एक दिन पूर्व शनिवार की रात को ही आ गए थे। लाखाें श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी के जल से स्वामी मत्गयेंद्र नाथ का जलाभिषेक कर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। दोपहर एक बजे से चार बजे तक भीड़ का दबाव कुछ कम रहा,
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लेकिन शाम होते ही फिर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ी। गर्म पत्थरों की परवाह किए बगैर श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए कामतानाथ की परिक्रमा लगाई। हजारों श्रद्धालुओं ने दंडवत परिक्रमा की। लाखों श्रद्धालुओं के आने को लेकर प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। इसलिए सुरक्षा के साथ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। परिक्रमा मार्ग, रामघाट से लेकर मुख्यालय मार्ग के बीच कुछ स्थानों पर पानी के टैंकर खड़े थे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी टैंकर होने से श्रद्धालुओं को आराम से पानी मिला।
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इस बार तमाम स्थानों पर दुकानदारों और समाजसेवियों ने भी शीतल पेयजल व शर्बत पिलाकर पुण्य कमाया। डीएम मोनिका रानी और एसपी केके चौधरी समेत अन्य अफसरों ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रशासन के कड़े निर्देश के बावजूद टेपाें चालकों की मनमानी पर रोक नहीं लग पाई। किराया लिस्ट चस्पा होने के बावजूद धूप व गर्मी का बहाना बनाकर यात्रियों से मुख्यालय रेलवे स्टेशन से सीतापुर तक 20 रुपया सवारी किराया वसूल किया। कुछ यात्रियों ने विरोध किया लेकिन चालकों की मनमानी जारी रही।