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Chitrakoot News: बीमा कंपनी अदा करे पौने तीन लाख रुपये
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चित्रकूट। दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस की बीमा धनराशि देने में आनाकानी कर रहे बीमा कंपनी को उपभोक्ता फोरम ने दो लाख 78 हजार 700 रुपये का भुगतान ब्याज समेत करने के आदेश दिए हैं। बीमा कंपनी को मानसिक क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में 10 हजार का भुगतान भी करना होगा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के रीडर सत्य देव ओझा ने बताया कि कर्वी के गांधीगंज निवासी लोकेश पहारिया ने आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवार पत्र के अनुसार लोकेश ने अपने प्राइवेट एंबुलेंस का बीमा यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी से कराया था। एंबुलेंस का बीमा 16 मई 2018 से 15 मई 2019 की अवधि के लिए कराने के लिए प्रीमियम राशि का भुगतान भी किया गया था।
9 दिसम्बर 2018 को मरीज छोड़कर देवास मध्य प्रदेश से वापस चित्रकूट आ रही एम्बुलेंस रास्ते में बाइक सवार को बचाने के प्रयास में क्षतिग्रस्त हो गई। एम्बुलेंस चालक भी घायल हो गया था। इसकी सूचना गाड़ी मालिक ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी व पुलिस को तत्काल दी थी। बीमा कम्पनी के सर्वेयर ने परिवादी को बताया था कि इस दुर्घटना में 278700 रुपये का नुकसान हुआ है। यह भुगतान उन्हें 30 दिन बाद करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही कहा गया कि अभी वाहन स्वामी गाड़ी बनवा लें।
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वाहन स्वामी द्वारा बीमा धनराशि प्राप्त करने के लिए लगातार सम्पर्क किए जाने के बावजूद यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी ने भुगतान नहीं किया। इसके चलते उसने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल किया। एक पक्षीय रूप से स्वीकार किए गए इस परिवाद में आयोग के अध्यक्ष रामसुचित, सदस्य सुभाषचन्द्र सिंह व अंजू सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से निर्णय सुनाया। सर्वेयर द्वारा आंकलित धनराशि दो लाख 78 हजार 700 रुपये का भुगतान परिवाद दायर करने की तिथि से अंतिम अदायगी तक नौ फीसदी वार्षिक ब्याज समेत बीमा कम्पनी वाहन स्वामी को देगी। साथ ही वाहन स्वामी को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार व वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपए भी बीमा कम्पनी अदा करेगी।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के रीडर सत्य देव ओझा ने बताया कि कर्वी के गांधीगंज निवासी लोकेश पहारिया ने आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवार पत्र के अनुसार लोकेश ने अपने प्राइवेट एंबुलेंस का बीमा यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी से कराया था। एंबुलेंस का बीमा 16 मई 2018 से 15 मई 2019 की अवधि के लिए कराने के लिए प्रीमियम राशि का भुगतान भी किया गया था।
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9 दिसम्बर 2018 को मरीज छोड़कर देवास मध्य प्रदेश से वापस चित्रकूट आ रही एम्बुलेंस रास्ते में बाइक सवार को बचाने के प्रयास में क्षतिग्रस्त हो गई। एम्बुलेंस चालक भी घायल हो गया था। इसकी सूचना गाड़ी मालिक ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी व पुलिस को तत्काल दी थी। बीमा कम्पनी के सर्वेयर ने परिवादी को बताया था कि इस दुर्घटना में 278700 रुपये का नुकसान हुआ है। यह भुगतान उन्हें 30 दिन बाद करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही कहा गया कि अभी वाहन स्वामी गाड़ी बनवा लें।
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वाहन स्वामी द्वारा बीमा धनराशि प्राप्त करने के लिए लगातार सम्पर्क किए जाने के बावजूद यूनाइटेड इंश्योरेंस कम्पनी ने भुगतान नहीं किया। इसके चलते उसने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल किया। एक पक्षीय रूप से स्वीकार किए गए इस परिवाद में आयोग के अध्यक्ष रामसुचित, सदस्य सुभाषचन्द्र सिंह व अंजू सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से निर्णय सुनाया। सर्वेयर द्वारा आंकलित धनराशि दो लाख 78 हजार 700 रुपये का भुगतान परिवाद दायर करने की तिथि से अंतिम अदायगी तक नौ फीसदी वार्षिक ब्याज समेत बीमा कम्पनी वाहन स्वामी को देगी। साथ ही वाहन स्वामी को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार व वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपए भी बीमा कम्पनी अदा करेगी।