फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   High tension lines passing over houses like death

Chitrakoot News: मकानों के ऊपर मौत बनकर गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनें

Mon, 25 May 2026 11:21 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Mon, 25 May 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
High tension lines passing over houses like death
शिवरामपुर (चित्रकूट)। राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे शिवरामपुर कस्बे की एक बस्ती में हाईटेंशन लाइन लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। करीब तीन दशक पहले बिछाई गई ये लाइनें अब घनी आबादी और बहुमंजिला मकानों के ऊपर से गुजर रही हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन

शिवरामपुर निवासी राजा साहू, सुरेश सचिन, कल्लू और राकेश ने बताया कि करीब 30 वर्ष पहले बस्ती में कच्चे मकान थे। इसी दौरान ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकाली गई थी।
विज्ञापन




अब लोगों ने पक्के मकान बना लिए और कई घर दो से तीन मंजिला हो गए लेकिन बिजली की लाइनें अब भी मकानों के ऊपर से गुजर रही हैं। वर्तमान में इस बस्ती में एक हजार से अधिक की आबादी रहती है। ऐसे में लोग घरों की छतों पर जाने से भी डरते हैं। विद्युत निगम और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की लेकिन समस्या दूर नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----------



बार-बार टूट रही हैं लाइनें



स्थानीय निवासी रमेश लाल और अजय सिंह ने बताया कि तीन वर्ष पहले आई आंधी में हाईटेंशन लाइन टूटकर गिर गई थी। इससे दो बंदरों की मौत हो गई थी। एक अन्य घटना में तार टूटने से दुकान में आग लग गई थी।

--------------



हाईटेंशन लाइन का सर्वे कराया जाएगा। यदि जांच में खतरे की स्थिति पाई जाती है तो वहां से लाइनों को हटवाने का काम कराया जाएगा।

- सुरेंद्र कुमार कश्यप, अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed