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गांव के बाहर ही मिला व्यापारी, पूछताछ जारी
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चित्रकूट/खोही। ससुराल जाते समय रास्ते से गायब हुए व्यापारी को पुलिस टीम ने 24 घंटे के अंदर ही ढूंढ निकाला। गायब व्यापारी खोही गांव के पास मिला। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। व्यापारी कई तरह की बातें कर रहा है। वहीं पुलिस का दावा है कि कोई अपहरण नहीं हुआ था और न ही इसके पास रुपये थे। सदर कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी व सीतापुर चौकी प्रभारी रामवीर सिंह मंगलवार की सुबह टीम के साथ सोमवार यानी एक फरवरी को गायब हुए शकरकंद के व्यापारी विश्वनाथ गर्ग की तलाश कर रहे थे। खोही गांव के बाहर ही एक सुनसान स्थान पर विश्वनाथ मिल गया।
व्यापारी ने बताया कि जब वह अपनी ससुराल जा रहा था तो रास्ते में एक खेत के पास दो अज्ञात लोग मिले और उसे अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से उसे कुछ नहीं मालूम। उसे लेकर पुलिस टीम कई स्थानों पर गई पर कोई पहचान न होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। तब व्यापारी ने बताया कि एक ट्रैक्टर एजेंसी की 80 हजार रुपये उधारी चुकाई है। कुछ देर बाद बताया कि पुत्री की शादी के लिए 80 हजार रुपये घर में रख कर आया था। लगातार बयान बदलने से पुलिस परेशान हो गई।
कोतवाल ने बताया कि व्यापारी के परिजनों को बुलाकर पूछताछ की गई है। व्यापारी के जेब से सात सौ रुपये मिले हैं। व्यापारी लगातार झूठ बोलकर गुमराह कर रहा है। रुपये के बारे में व्यापारी की पत्नी ने बताया कि सोमवार को पति गांव आए थे और 40 हजार रुपये रख गए थे। गौरतलब है कि रैपुरा के रेरूआ गांव निवासी व्यापारी विश्वनाथ गर्ग सोमवार को खोही गांव में शकरकंद बेचने के बाद बाइक से ससुराल सेमरियाजगन्नाथ वासी जाने की बात परिजनों से कह कर निकले थे। तब से वह गायब थे।
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व्यापारी ने बताया कि जब वह अपनी ससुराल जा रहा था तो रास्ते में एक खेत के पास दो अज्ञात लोग मिले और उसे अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से उसे कुछ नहीं मालूम। उसे लेकर पुलिस टीम कई स्थानों पर गई पर कोई पहचान न होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। तब व्यापारी ने बताया कि एक ट्रैक्टर एजेंसी की 80 हजार रुपये उधारी चुकाई है। कुछ देर बाद बताया कि पुत्री की शादी के लिए 80 हजार रुपये घर में रख कर आया था। लगातार बयान बदलने से पुलिस परेशान हो गई।
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कोतवाल ने बताया कि व्यापारी के परिजनों को बुलाकर पूछताछ की गई है। व्यापारी के जेब से सात सौ रुपये मिले हैं। व्यापारी लगातार झूठ बोलकर गुमराह कर रहा है। रुपये के बारे में व्यापारी की पत्नी ने बताया कि सोमवार को पति गांव आए थे और 40 हजार रुपये रख गए थे। गौरतलब है कि रैपुरा के रेरूआ गांव निवासी व्यापारी विश्वनाथ गर्ग सोमवार को खोही गांव में शकरकंद बेचने के बाद बाइक से ससुराल सेमरियाजगन्नाथ वासी जाने की बात परिजनों से कह कर निकले थे। तब से वह गायब थे।
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