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Chitrakoot News: निर्धारित रेट से कम दाम में धान बेचने के लिए मजबूर किसान

Wed, 24 Dec 2025 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 11:34 PM IST
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Farmers forced to sell paddy at prices lower than the prescribed rates
फोटो न- 8 व 9 -
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिले में इस साल धान का अच्छा उत्पादन हुआ है। इससे सहकारी केंद्रों सहित गल्लामंडी में आढ़तियों के यहां किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। जहां किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। धान बेचने में गल्लामंडी के आढ़तियों से कहा जाता अच्छी क्वालिटी का धान नहीं है। इसके बाद ही निर्धारित रेट से कम कर दिया जाता है ।इससे किसान किसान निराश हैं। बासमती चावल के दाम इस समय तीन हजार दो सौ रुपये क्विंटल है। जबकि दो से तीन हजार रुपये कम में धान किसानों से लिया जाता है। जिले में गल्लामंडी अढ़तियों के धान बेचने के लिए लाइन लगी रहती है। ज्यादतार किसान बासमती चावल लेकर बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। इस चावल में मिठास के साथ खुशबू रहती है। इससे धान की अधिक मांग रहती है। इसके बाद भी धान की क्वालिटी अच्छी नहीं होने की बात कर किसानों से लिए जाने वाले धान का रेट गिरा दिया जाता है। इससे किसान निराश हो जाते हैं।
गल्लामंडी में बढ़तियों के यहां धान बेचने आए किसान सपहा गांव के किसान कमलेश पटेल, कालूपुर किसान कामता तिवारी ने बताया कि इस समय बासमती चावल के दाम 32 सौ रुपये क्विंटल धान के रेट है। जब किअढ़तिया पास धान लेकर पहुंचे तो कहा गया कि धान की क्वालिटी अच्छी नहीं है। धान काली हो गई इससे निकलने वाले चावल टूट जाएंगे। धान अभी गीला है। इसको सूखा कर लाओ इस तरह से कई तरह के बहाने बनाया जाता है। इसके बादधान के रेट एक हजार से लेकर दो हजार तक गिरा दिया जाता है। मजबूरी में धान बेचना पड़ता है। जब कि गल्लामंडी के अढ़तियो आनंद अग्रवाल, रामनिहोरे, गिरजाशरण सिंह ने बताया कि धान की निर्धारित रेट पर ही किसानों से धान ली जाती है।
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नेटवर्क नहीं होने पर पॉश मशीन में नहीं लगता अंगूठा
चित्रकूट। शहर के गल्लामंडी में खुले धान केंद्र आए किसान रामस्वरूप, विष्णु ने बताया कि जपॉश मशीन में अंगूठा लगाने में भी समस्या आती है। कहां जाता है अभी नेटवर्क नहीं चल रहा है। एक घंटे बाद आना यदि नेटवर्क चल जाएगा तो अंगूठा लगाने के बाद ही धान ली जाएगी। धान माफी यंत्र से धान की क्वालिटी देखी जाती है। इसके बाद ही धान ली जाती है। धान की सफाई की जाती है। यदि एक कुंतल धान है तो लगभग सात से आठ किलो वजन कम हो जाता है।
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गोदाम से एक भी धान का उठान नहीं हुआ
चित्रकूट। जिले में कर्वी, पहाड़ी, मानिकपुर, बरगढ़, ऐंचवारा, गाहुर, हरदौली, खंडेहा, मऊ परसौंजा, रामनगर में केंंद्र खुले हुए है। खाद विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि एक नवंबर से जिले में धान की खरीद शुरू है। अभी तक 434 किसानों से 23664.80 एमटी धान खरीदी जाती गई है। धान खरीदने का लक्ष्य दस हजार एमटी है। सरकारी केंद्र में धान के रेट एक क्विंटल 2389 रुपये हैं। बताया कि धान की गोदाम से अभी तक एक भी धान का उठान नहीं हुआ है।इसका ठेका एक फर्म को दिया गया है। बहुत जल्द गोदामों से धान का उठान होने लगेगा।
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