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सम्मान निधि के लिए चक्कर लगा रहे किसान
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फोटो-1- किसान सम्मान निधि न मिलने की जानकारी देते कृषि भवन में खड़े किसान। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। किसान सम्मान निधि पाने के लिए जरूरतमंद विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें कभी सर्वर फेल तो कभी कागज में कमी बताकर लौटा दे रहे हैं। वहीं, 66 हजार से ज्यादा ऐसे किसान हैं जिनकी ई केवाईसी अभी तक नहीं हुई है।
जिला मुख्यालय के विकास भवन पहुंचे सिकरी अमान गांव के किसान विश्राम व राजबहादुर ने बताया कि उन्हें कई माह से विभागीय अधिकारी कर्मचारी टरका रहे हैं। सारे कागजात होने के बाद भी कभी सर्वर न होने कभी कर्मचारी न होने की बात कहकर अगले दिन आने को कहा जाता है। ऐसा करते हुए दो माह से ज्यादा का समय हो गया है। पहले कागज कम होने की बात कही जाती रही, जब कागज पूरे हुए तो अब टरकाया जा रहा है। इसके अलावा इटखरी गांव के किसान कृष्णा और सेमरदहा के रामबहोरी ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई बार उप कृषि निदेशक कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
इस संबंध में उपकृषि निदेशक बाल गोविंद ने बताया कि जिन जरूरतमंद किसान सीधे मिलकर जानकारी दें। कागज तैयार होंगे और मानक के दायरे में होंगे तो उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा। अभी तक जिले में लगभग डेढ़ लाख किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। नियमानुसार पहचान के लिए केवाईसी कराया जा रहा है।
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जिला मुख्यालय के विकास भवन पहुंचे सिकरी अमान गांव के किसान विश्राम व राजबहादुर ने बताया कि उन्हें कई माह से विभागीय अधिकारी कर्मचारी टरका रहे हैं। सारे कागजात होने के बाद भी कभी सर्वर न होने कभी कर्मचारी न होने की बात कहकर अगले दिन आने को कहा जाता है। ऐसा करते हुए दो माह से ज्यादा का समय हो गया है। पहले कागज कम होने की बात कही जाती रही, जब कागज पूरे हुए तो अब टरकाया जा रहा है। इसके अलावा इटखरी गांव के किसान कृष्णा और सेमरदहा के रामबहोरी ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई बार उप कृषि निदेशक कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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इस संबंध में उपकृषि निदेशक बाल गोविंद ने बताया कि जिन जरूरतमंद किसान सीधे मिलकर जानकारी दें। कागज तैयार होंगे और मानक के दायरे में होंगे तो उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा। अभी तक जिले में लगभग डेढ़ लाख किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। नियमानुसार पहचान के लिए केवाईसी कराया जा रहा है।
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