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Chitrakoot News: खाद लेेने के लिए किसान लाइन में खा रहे धक्के

Sat, 26 Oct 2024 01:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:35 AM IST
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Farmers are jostling in line to get fertilizers
शिवरामपुर/पहाड़ी/खोही(चित्रकूट)। खाद वितरण केंद्रों में एक बोरी खाद के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है। सुबह से लेकर शाम तक लंबी लाइन के बीच खड़े किसान धक्का मुक्की खाने को मजबूर हैं। इसके बाद भी उसको समय से खाद नहीं मिल रही है। इससे किसान निराश होकर लौट जाता है। ं
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जिले में 39 खाद बांटने की समितियां हैं। जिन समितियों में खाद पहुंचती है। वहां किसानों की लंबी लाइन लग जाती है। दो दिन के अंदर ही खाद खत्म हो जाती है। शुक्रवार को शिवरामपुर व खोही कस्बा स्थित सहकारी समिति में लंबी लाइन लगी रही। जहां कुछ किसान एक दूसरे को धक्का मुक्की कर रहे थे। सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान भी मौजूद रहे।
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मछरिया गांव के किसान राजन कुमार ने बताया कि किसानों ने रबी की बुआई शुरू कर दिया है। किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है। कई दिनों से समिति मेंं चक्कर लगा रहे है। इसके बाद भी खाद नहीं मिल रही है। भैसोंधा के किसान महेश चंद्र ने बताया कि सतियों में जाने पर एनपीके व यूरिया खाद देने की बात कहीं जा रही है ज कि डीएपी की जरूरत है।
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इनसेट
जानबूझ कर खाद का संकट पैदा किया जा रहा
जिला संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ के चेयरमैन योगेश जैन ने बताया कि डीसीएफ ने जिले के प्रभारी मंत्री मनोहर लाल को दिए गए पत्र मेें कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने के बाद भी कुछ लोग कुछ लोग खाद का संकट पैदा कर रहे हैं। निजी दुकानदारों को लाभ पहुंचाने के लिए खाद नहीं पहुंचाई जा रही है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

1089 एमटी खाद का वितरण
कोऑपरेटिव चित्रकूट के सहायक आयुक्त आरके शुक्ला ने बताया कि जिले में डीएपी खाद 1552 एमटी उपलब्ध कराई गई। वितरण 1089 एमटी है। अवशेष 463 एमटी है। एनपीके खाद 1460 एमटी उपलब्ध हुई वितरण 1189 एमटी अवशेष 271एमटी है।
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किसान नैनो खाद लेने के लिए रूचि नहीं ले रहे
चित्रकूट। किसानों को नैनो डीएपी व नैनो यूरिया खाद लेने में रूचि नहीं दिखा रहे हैंए जबकि शासन के निर्देश के बाद समितियों से खाद लेने वाले किसानों को दो बोरी में एक नैनो डीएपी खाद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। किसान नैनो खाद में विश्वास नहीं कर रहा।


विश्वास नहीं होने से किसान नैनो खाद का इस्तेमाल नहीं कर रहे
प्रगतिशील किसान शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि नैनो डीएपी खाद तरल पदार्थ है। जिस फसल की बुआई करना है उसके बीज में मिला दिया जाता है। इसके बाद बुआई कर दिया जाती है। नैनो यूरिया का मशीन से छिड़काव किया जाता है। बताया कि किसानों को बोरी वाली डीएपी खाद में ही विश्वास ज्यादा है। इसके कारण वह नैनो खाद का इस्तेमाल नहीं करते हैैं।

23089 बोतल नैनो खाद बांटने का मिला लक्ष्य
कोऑपरेटिव चित्रकूट के सहायक आयुक्त आरके शुक्ला ने बताया कि शासन ने नैनो डीएपी बांटने के लिए 23089 बोतल का लक्ष्य रखा है। 14830 बोतल का वितरण किया गया है। नैनो यूरिया का लक्ष्य 31625 बोतल है।
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