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बचीखुची आस पर भी फिरा पानी
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:58 PM IST
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तिरहार बेल्ट के गांवों और भरतकूप के रसिन गांव में सोमवार देर शाम तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इससे किसानों की बचीखुची फसल भी बर्बाद हो गई। एसडीएम राजापुर अभयराज ने दो दर्जन गांवों का मुआयना कर क्षति का आकलन किया। उन्होंने माना कि यहां काफी नुकसान हुआ है। किसानों को आश्वस्त किया कि लेखपालों को खेतों में भेजकर नुकसान का वास्तविक आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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भीषण ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया है। राजापुर के तिरहार बेल्ट के ममसी, गड़ौली, लमियारी, तीरघुमाई, सुरसेन, सरधुवा, अर्की, महुआगांव, कुसेली, उत्तमपुर, पटवरिया, बेराउर आदि गांवों में किसानों की फसलें जमींदोज हो गईं हैं।
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रुपौली के कृपाशंकर तिवारी ने बताया कि उन्होंने 50 बीघे में गेहूं, चना, अरहर और सरसों बोया था। गेहूं के खेत में आठ हजार प्रति बीघा और चने में लगभग चार हजार रुपये प्रति बीघे का खर्च आता है। सब कुछ नष्ट हो गया। इसी तरह सुरसेन के गौरीशंकर ने बताया कि उसकी 40 बीघे, सरधुवा के लवकुश तिवारी के 25 बीघे, मंगल सिंह के 40 बीघे, ननकू गुप्ता के 20 बीघे में खड़ी फसल जमींदोज हो चुकी है।
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