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Chitrakoot News: इलाज के दौरान महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा
Fri, 09 Jun 2023 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:40 AM IST
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मऊ(चित्रकूट)। नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। जानकारी होते ही परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया।
मऊ थाना क्षेत्र के यमुना रोड निवासी विष्णु निषाद ने बताया कि उसकी पत्नी मखुनिया देवी (22) को पेट दर्द होने पर बुधवार को कस्बे में स्थित प्राइवेट अस्पताल जीवनदायनी लेकर गए। इलाज के दौरान देर रात को उसकी मौत हो गई। महिला के जेठ राजपाल ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनसे पांच हजार रुपये दो बार में जमा कराए गए। कई बार कहने के बाद भी डॉक्टर व स्टाफ सही इलाज नहीं कर रहेे थे। लापरवाही से ही महिला की मौत हुई है। इससे काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश द्विवेदी मय फोर्स पहुंचे और परिजनों को तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विवाद शांत हुआ। मृतका की शादी दो साल पूर्व हुई थी। उसका एक छह माह का पुत्र है।
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-अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
प्राइवेट अस्पताल में मौजूद एलटी अखिलेश मौर्या ने बताया कि आरोप गलत हंै। महिला को पेटदर्द व गैस की समस्या थी। उसे पेन किलर दवा व इंजेक्शन दिया गया था। उसे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहकर रेफर किया गया था।
इसी संबध में जीवनदायनी अस्पताल के प्रबंधक राजेश सिंह ने बताया कि महिला को भर्ती नहीं किया गया। न कोई रुपया लिया गया। महिला की हालत देखकर मौजूद डॉक्टर व स्टाफ ने पेन किलर देकर रेफर कर दिया था।
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मऊ थाना क्षेत्र के यमुना रोड निवासी विष्णु निषाद ने बताया कि उसकी पत्नी मखुनिया देवी (22) को पेट दर्द होने पर बुधवार को कस्बे में स्थित प्राइवेट अस्पताल जीवनदायनी लेकर गए। इलाज के दौरान देर रात को उसकी मौत हो गई। महिला के जेठ राजपाल ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनसे पांच हजार रुपये दो बार में जमा कराए गए। कई बार कहने के बाद भी डॉक्टर व स्टाफ सही इलाज नहीं कर रहेे थे। लापरवाही से ही महिला की मौत हुई है। इससे काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
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सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजेश द्विवेदी मय फोर्स पहुंचे और परिजनों को तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विवाद शांत हुआ। मृतका की शादी दो साल पूर्व हुई थी। उसका एक छह माह का पुत्र है।
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प्राइवेट अस्पताल में मौजूद एलटी अखिलेश मौर्या ने बताया कि आरोप गलत हंै। महिला को पेटदर्द व गैस की समस्या थी। उसे पेन किलर दवा व इंजेक्शन दिया गया था। उसे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहकर रेफर किया गया था।
इसी संबध में जीवनदायनी अस्पताल के प्रबंधक राजेश सिंह ने बताया कि महिला को भर्ती नहीं किया गया। न कोई रुपया लिया गया। महिला की हालत देखकर मौजूद डॉक्टर व स्टाफ ने पेन किलर देकर रेफर कर दिया था।