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फोटो नंबर- 1 व 2
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चित्रकूट। ई-श्रम कार्ड बनवाने के लिए जनसेवा केंद्र के संचालकों के खिलाफ वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। शिकायतों को संज्ञान में लेकर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि ई-कार्ड रजिस्ट्रेन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है। इसके के लिए कोई धनराशि नहीं लगती है।
असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कर्मकारों धोबी, दर्जी, माली, नाई, बुनकर, मोची, जुलाहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, जनरेटर लाइट उठाने वाला, टेंट हाउस में कार्यरत, मुछआरा, तांगा अगरबत्ती बनाने वाले श्रमिक, गाड़ीवान, भड़भेजे, पशुपालन, खेतिहर, चरवाहा, नाव चलाने वाले, नट, नटकी रसोइया अखबार पत्र बांटने वाले, डेयरी कर्मचारी व दुकानों में कार्यरत मजदूर समेत कुल 45 प्रकार के कर्मकार पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीकरण कराने के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण होता है। पंजीकरण कराने आए खोह गांव के राजेश कुमार, कसहाई के मोहन लाल ने बताया कि पंजीयन कराने में जनसेवा केंद्र के संचालक लेते है।
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चित्रकूट। मिलने वाला लाभ पंजीकृत श्रमिकों को दो लाख तक के दुर्घटना बीमा, विकलांगता की स्थिति मेें एक लाख रूपये तक की धनराशि व अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। अभी तक दो लाख 57 हजार श्रमिकों का पंजीकरण हो गया है। जिले में रोजाना औसतर 13 हजार श्रमिकों का पंजीयन होता है। पंजीकृत
होने के बाद ई-श्रम कार्ड बन जाता है। बताया कि पंजीकृत कराने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। इसके तहत प्रति कार्ड 16 रुपये शुल्क सरकार जनसेवा केंद्र के संचालक को देती है। पंजीकरण के लिए धनराशि लेने की शिकायतें मिल रही हैं। जिस पर जनसेवा केंद्र का संचालन करने वाले सीएसी के संचालक से बात की गई है।
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असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कर्मकारों धोबी, दर्जी, माली, नाई, बुनकर, मोची, जुलाहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, जनरेटर लाइट उठाने वाला, टेंट हाउस में कार्यरत, मुछआरा, तांगा अगरबत्ती बनाने वाले श्रमिक, गाड़ीवान, भड़भेजे, पशुपालन, खेतिहर, चरवाहा, नाव चलाने वाले, नट, नटकी रसोइया अखबार पत्र बांटने वाले, डेयरी कर्मचारी व दुकानों में कार्यरत मजदूर समेत कुल 45 प्रकार के कर्मकार पंजीयन करा सकते हैं।
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पंजीकरण कराने के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण होता है। पंजीकरण कराने आए खोह गांव के राजेश कुमार, कसहाई के मोहन लाल ने बताया कि पंजीयन कराने में जनसेवा केंद्र के संचालक लेते है।
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चित्रकूट। मिलने वाला लाभ पंजीकृत श्रमिकों को दो लाख तक के दुर्घटना बीमा, विकलांगता की स्थिति मेें एक लाख रूपये तक की धनराशि व अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। अभी तक दो लाख 57 हजार श्रमिकों का पंजीकरण हो गया है। जिले में रोजाना औसतर 13 हजार श्रमिकों का पंजीयन होता है। पंजीकृत
होने के बाद ई-श्रम कार्ड बन जाता है। बताया कि पंजीकृत कराने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। इसके तहत प्रति कार्ड 16 रुपये शुल्क सरकार जनसेवा केंद्र के संचालक को देती है। पंजीकरण के लिए धनराशि लेने की शिकायतें मिल रही हैं। जिस पर जनसेवा केंद्र का संचालन करने वाले सीएसी के संचालक से बात की गई है।