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Chitrakoot News: प्राकृतिक कृषि का उपयोग व महत्त्व पर चर्चा
Sun, 12 Oct 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:08 AM IST
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11 सीकेटीपी- 11- परिचय- गनीवां कृषि विज्ञान केंद्र में ऑनलाइन प्रधानमंत्री का संबोधन सुनते किस
चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां में शनिवार को ग्रामोदय पखवाड़ा के समापन अवसर पर कृषक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसानों के लिए दिल्ली से प्रसारित ऑनलाइन संबोधन लाइव दिखाया गया। इस दौरान 418 किसानों को प्राकृतिक खेती के उपयोग और महत्त्व की जानकारी दी गई।
कार्यशाला की शुरुआत भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुई। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि बीजामृत, जीवामृत और घन जीवामृत का उपयोग फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है।
वैज्ञानिक विजय कुमार गौतम ने कहा कि किसान दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से जुड़कर अधिक क्षेत्रफल में दलहनी फसलें उगाएं। कार्यशाला में प्राकृतिक उत्पाद निर्माण की विधि प्रदर्शित की गई और किसानों को उन्नत सरसों के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिकों, किसान प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
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कार्यशाला की शुरुआत भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुई। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि बीजामृत, जीवामृत और घन जीवामृत का उपयोग फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है।
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वैज्ञानिक विजय कुमार गौतम ने कहा कि किसान दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से जुड़कर अधिक क्षेत्रफल में दलहनी फसलें उगाएं। कार्यशाला में प्राकृतिक उत्पाद निर्माण की विधि प्रदर्शित की गई और किसानों को उन्नत सरसों के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिकों, किसान प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
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