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नील गाय का शिकार, काट ले गए पैर
Mon, 17 Jun 2019 11:19 PM IST
akhilesh अखिलेश यादव
नील गाय का शिकार, काट ले गए पैर
नील गाय का शिकार, काट ले गए पैर
Published by: akhilesh अखिलेश यादव
Updated Mon, 17 Jun 2019 11:19 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट/मानिकपुर। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र की सीमा से सटे सरभंग आश्रम के पास शिकारियों ने नील गाय का शिकार किया। इसके बाद उसके तीन पैर काटकर ले गए। बाकी बचे शव को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और अधजला शव बरामद किया। डॉग स्क्वॉड समेत अन्य वनकर्मियों ने आसपास के गांव में शिकारियों की तलाश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अज्ञात के खिलाफ मझगवंा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिले की सीमा से सटे मझगवां चितहरा वन क्षेत्र में कुछ शिकारियों ने शनिवार की देर रात को नील गाय का शिकार किया। रविवार को तड़के कुछ ग्रामीणों से मिली जानकारी पर वन विभाग के अधिकारी आनन फानन में मौके पर पहुंचे। मझगवां थाने की पुलिस टीम भी डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंची। मौके पर नील गाय का शव जलता मिला। जिस पर वनकर्मियों ने आग बुझाकर अधजले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सतना वन विभाग के एसडीओ बीपी तिवारी व चित्रकूट वन क्षेत्र रेंजर बीएस भदौरिया ने बताया कि नील गाय का शिकार हुआ है। शिकारी पीछे के दो व आगे का एक पैर काट कर ले गए हैं। बाकी का अधजला शव बरामद कर लिया गया है। काफी खोजबीन व पूछताछ की गई है लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय कुछ लोगों का कहना कि वन विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से ही जंगली जानवरों के शिकार हो रहे हैं। इस मामले में भी वन विभाग के कुछ कर्मचारियों को शिकारियों की जानकारी है लेकिन उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व ही इसी वन क्षेत्र में प्यासे बाघ का तालाब के पास करंट लगाकर शिकार किया गया था। इसके 15 दिन बाद ही एक दर्जन बकरियों को भी जहरीला पदार्थ पिलाकर मारा गया था। पूरे मामले में एसडीओ तिवारी ने बताया कि नील गाय का शिकार करने वालों की तलाश की जा रही है।
चित्रकूट/मानिकपुर। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र की सीमा से सटे सरभंग आश्रम के पास शिकारियों ने नील गाय का शिकार किया। इसके बाद उसके तीन पैर काटकर ले गए। बाकी बचे शव को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और अधजला शव बरामद किया। डॉग स्क्वॉड समेत अन्य वनकर्मियों ने आसपास के गांव में शिकारियों की तलाश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अज्ञात के खिलाफ मझगवंा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिले की सीमा से सटे मझगवां चितहरा वन क्षेत्र में कुछ शिकारियों ने शनिवार की देर रात को नील गाय का शिकार किया। रविवार को तड़के कुछ ग्रामीणों से मिली जानकारी पर वन विभाग के अधिकारी आनन फानन में मौके पर पहुंचे। मझगवां थाने की पुलिस टीम भी डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंची। मौके पर नील गाय का शव जलता मिला। जिस पर वनकर्मियों ने आग बुझाकर अधजले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सतना वन विभाग के एसडीओ बीपी तिवारी व चित्रकूट वन क्षेत्र रेंजर बीएस भदौरिया ने बताया कि नील गाय का शिकार हुआ है। शिकारी पीछे के दो व आगे का एक पैर काट कर ले गए हैं। बाकी का अधजला शव बरामद कर लिया गया है। काफी खोजबीन व पूछताछ की गई है लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
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स्थानीय कुछ लोगों का कहना कि वन विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से ही जंगली जानवरों के शिकार हो रहे हैं। इस मामले में भी वन विभाग के कुछ कर्मचारियों को शिकारियों की जानकारी है लेकिन उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व ही इसी वन क्षेत्र में प्यासे बाघ का तालाब के पास करंट लगाकर शिकार किया गया था। इसके 15 दिन बाद ही एक दर्जन बकरियों को भी जहरीला पदार्थ पिलाकर मारा गया था। पूरे मामले में एसडीओ तिवारी ने बताया कि नील गाय का शिकार करने वालों की तलाश की जा रही है।
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